Dilip Kumar: दिलीप कुमार के दिल में बसता था पेशावर, पाकिस्‍तान ने दिया था सर्वोच्‍च सम्‍मान - News Summed Up

Dilip Kumar: दिलीप कुमार के दिल में बसता था पेशावर, पाकिस्‍तान ने दिया था सर्वोच्‍च सम्‍मान


​दिलीप कुमार ने पेशावर से सीखा फिल्‍मों की स्क्रिप्‍ट चुनना दिलीप कुमार ने कहा था, 'पेशावर में मैं उस समय अपने आसपास की चीजों देखकर हमेशा उत्‍सुकता से भरा रहता था। मैं अपनी मां का हर तरफ पीछा करता था और जब मेरी मां और उनकी आंटी आपस में बातें करती थीं तो मैं उनको सुनता था। मैंने अपनी मां से ही सबसे पहले कहानी सुनाने का पाठ पढ़ा था। इसने मुझे आगे चलकर फिल्‍मों में स्क्रिप्‍ट चुनने में मदद की।' उन्‍होंने एक बार अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा था, पेशावर में मैं अपने माता-पिता, दादा-दादी और कई अंकल और आंटी के साथ रहता था। मेरा घर हंसी ठिठोली से गूंजता रहता था। मेरी मां अक्‍सर मुझे किचन में मिलती थीं जहां वह काफी मेहनत करती थीं। मुझे घर के अंदर बैठकर परिवार के सदस्‍यों का चाय पीना आज भी याद है। वह एक बड़ा कमरा था जहां महिलाएं प्रार्थना करती थीं। वहां पर छत, बेडरूम और सबकुछ था। मुझे अपने दादा की पीठ पर घूमना और दादी की डरावनी कहानियां याद है। उन्‍होंने लोगों से अपने पुश्‍तैनी घर की तस्‍वीरें साझा करने का अनुरोध किया था। इसके बाद बड़ी संख्‍या में लोगों ने दिलीप कुमार के घर की तस्‍वीरों को शेयर किया था।​दिलीप कुमार का पुश्‍तैनी घर बनेगा संग्राहालय पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार ने अभिनेता दिलीप कुमार और राज कपूर के पेशावर स्थित पैतृक घरों को खरीदने की मंजूरी प्रदान कर दी है जिन्हें संग्रहालय में तब्दील किया जाएगा। पेशावर के जिला आयुक्त कैप्टन (सेवानिवृत्त) खालिद महमूद ने अभिनेताओं के घरों के वर्तमान मालिकों की आपत्तियों को खारिज कर दिया और दोनों घरों को पुरातत्व विभाग को सौंपने के आदेश दिए। जिला आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, 'जमीन (दिलीप कुमार और राज कपूर के घर) अधिग्रहण करने वाले विभाग के नाम रहेगी यानी निदेशक पुरातत्व एवं संग्रहालय।' प्रांतीय सरकार ने कपूर के आवास की कीमत डेढ़ करोड़ रुपये जबकि कुमार के घर की कीमत 80 लाख रुपये तय की। हालांकि, कपूर की पैतृक हवेली के मालिक अली कादिर ने 20 करोड़ रुपये जबकि कुमार के पैतृक घर के मालिक गुल रहमान ने संपत्ति के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये की मांग की थी।


Source: Navbharat Times July 07, 2021 03:46 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */