विज्ञापनविज्ञापनमेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि रेड जोन में अत्यधिक गंभीर मरीजों को रखा जाएगा। यहां तत्काल और गहन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। येलो जोन में गंभीर मरीजों का उपचार किया जाएगा। जबकि, ग्रीन जोन में सामान्य मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया जाएगा। इस व्यवस्था से इमरजेंसी में मरीजों की बेहतर छंटनी हो सकेगी और उपचार में लगने वाला समय भी कम होगा।उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन आपूर्ति को मजबूत करने के लिए आवश्यक तकनीकी कार्य तेजी से कराया जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अत्यधिक गंभीर मरीजों का उपचार यहीं संभव हो सकेगा। इससे उन्हें अन्यत्र रेफर करने की आवश्यकता कम पड़ेगी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का मानना है कि तीन जोन की यह व्यवस्था इमरजेंसी सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाएगी। इससे मरीजों और उनके परिजन को बड़ी राहत मिलेगी।
Source: NDTV January 29, 2026 00:00 UTC