मंगलवार को क्या थी सोने-चांदी की कीमत? अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में गिरावट और रुपये के मूल्य में सुधार के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोना 305 रुपये की गिरावट के साथ 46,756 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले कारोबारी सत्र में सोने का बंद भाव 47,061 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा था। चांदी भी 113 रुपये की गिरावट के साथ 67,810 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गयी। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 67,923 पर बंद हुई थी।मार्च में सोने का जमकर हुआ आयात रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने मंगलवार को कहा कि शुल्क कम कर 7.5 प्रतिशत करने, बहुमूल्य धातु की कीमत में कमी और निर्यात बाजारों की मांग बढ़ने से मार्च में सोने का आयात बढ़कर 160 टन हो गया। यानी पहली वजह रही आयात शुल्क घटना, दूसरी वजह रही सोने के दाम कम होना और तीसरी वजह है निर्यात बाजारों की मांग। इन सबने मिलकर सोने का आयात बढ़ाया है। जीजेईपीसी के आंकड़ों के मुताबिक 2019-20 के दौरान मार्च में सोने का आयात 28.09 टन हुआ था। जीजेईपीसी ने कहा कि सोने के आयात में वृद्धि मुख्य रूप से लॉकडाऊन में ढील, भारत में शादी विवाह के मौसम, व्यापार और उपभोक्ता धारणा में सुधार आने से हुई। इसके साथ ही हाल ही में सोने की कीमतों में भारी गिरावट आने के बाद अमेरिका, ब्रिटेन जैसे निर्यात बाजारों से रत्न और आभूषण उत्पादों की मांग में वृद्धि के कारण हुई है।ऑल टाइम हाई से करीब 8,500 रुपये है सस्ता कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के बीच सोना और चांदी दोनों की कीमतों में इजाफा दर्ज किया गया है। अभी सोना 47,450 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच चुका है। वहीं अगर बात चांदी की करें तो उसकी कीमत 64,650 रुपये प्रति किलो हो गई है। देखा जाए तो सोना ऑल टाइम हाई से करीब 8,500 रुपये सस्ता हो चुका है। अगस्त में सोने ने करीब 56,200 रुपये का ऑल टाइम हाई (Gold price all time high) लेवल छुआ था। हालांकि, कुछ ऐसे भी संकेत मिल रहे हैं जो अब सोने की कीमतें बढ़ने का इशारा कर रहे हैं।तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस के मामले कोरोना वायरस के मामलों में एक बार फिर से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बहुत सारे राज्यों में कोरोना वायरस का दूसरा स्ट्रेन भी पाया गया है। सिर्फ भारत ही नहीं, विदेशों में भी एक बार फिर से कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं। इन सबको देखते हुए भारत ने वैक्सीन के निर्यात पर भी रोक लगा दी है। अब जब कोरोना महामारी का खतरा एक बार फिर से बढ़ रहा है तो मुमकिन है कि लोग सुरक्षित निवेश की ओर भागें और सोने में निवेश करना शुरू कर दें। पिछले साल अगस्त में इसी वजह से सोने ने 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऑल टाइम हाई छुआ था। अगर फिर से लोग सोने में निवेश करना शुरू करते हैं तो इसके दाम को बढ़ेंगे ही, साथ ही शेयर बाजार में फिर से तगड़ी गिरावट का रुख देखने को मिल सकता है।फिर से लॉकडाउन का लगना बहुत सारे देशों में आंशिक लॉकडाउन लगाया जाने लगा है। भारत में भी कुछ राज्यों के कुछ शहरों में आंशिक लॉकडाउन लागू किया गया है। राजधानी दिल्ली तक में एक हफ्ते का लॉकडाउन लगा दिया गया है। लोगों की भीड़ जमा होने से रोकने के लिए कई जगहों पर धारा 144 भी लगाई गई है। अगर कोरोना वायरस के फैलने की दर धीमी नहीं होती है तो सख्ती और बढ़ानी पड़ सकती है। ऐसे में फिर से लॉकडाउन की आशंका भी जताई जा रही है। फ्रांस, पोलैंड और यूक्रेन में कई जगहों पर लॉकडाउन लगाए भी हैं। ऐसा होने पर लोग निवेश का सुरक्षित ठिकाना ढूंढेंगे और सोने का रुख करेंगे।कम ब्याज दरें मौजूदा समय में जमा पर मिलने वाले ब्याज की दरें काफी कम हैं और आने वाले समय में इसके और कम होने की आशंका जताई जा रही है। कम ब्याज दरें होने से लोन लेने वालों की संख्या तो बढ़ेगी, लेकिन जमाकर्ताओं को नुकसान होगा। इस स्थिति में वह अपने पैसे सोने में निवेश कर सकते हैं। वैसे भी सोना और ब्याज दर एक दूरे की उल्टी दिशा में चलते हैं। इस वजह से सोने की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं।कम कीमत की वजह से फिजिकल गोल्ड के बढ़ सकते हैं दाम सोने की कीमतें अपने ऑल टाइम हाई से काफी तेजी से गिरी हैं। मौजूदा समय में फिजिकल गोल्ड की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे उसके दामों में भी तेजी के आसार बन रहे हैं। शादी-ब्याह का सीजन भी आने वाला है, जिसके चलते भी लोग सोने के गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं। जैसे-जैसे लोगों का रुझान सोने के लिए बढ़ता जाएगी, इसका सीधा असर सोने के दामों पर पड़ेगा, जो बढ़ेंगे। इन संकेतों से लग रहा है कि एक बार फिर सोना महंगा हो सकता है।सोने में निवेश करें या कहीं और? अगर बात सोने की करें तो पिछले साल सोने ने 28 फीसदी का रिटर्न दिया है। उससे पिछले साल भी सोने का रिटर्न करीब 25 फीसदी रहा था। अगर आप लॉन्ग टर्म के लिए निवेश कर रहे हैं तो सोना अभी भी निवेश के लिए बेहद सुरक्षित और अच्छा विकल्प है, जिसमें शानदार रिटर्न मिलता है। पिछले सालों में सोने से मिला रिटर्न आपके सामने है, जो दिखाता है कि निवेश करने से फायदा ही है।पिछले साल क्यों बढ़ी सोने की इतनी अधिक कीमत 2020 में सोने के दाम में तगड़ी तेजी की वजह कोरोना वायरस रहा, जिसकी वजह से लोग निवेश का सुरक्षित ठिकाना ढूंढ रहे थे। सोने में निवेश हमेशा से ही सुरक्षित रहा है। कोरोना की वजह से शेयर बाजार में लोगों ने निवेश कम कर दिया, क्योंकि शेयर बाजार में निवेश रिस्की होता है। पिछले साल जनवरी-फरवरी में तो सोना धीरे-धीरे बढ़ रहा था, लेकिन मार्च में भारत में कोरोना वायरस की दस्तक के बाद इसने स्पीड पकड़ ली।कोरोना काल में सोना बना वरदान सोना गहरे संकट में काम आने वाली संपत्ति है, मौजूदा कठिन वैश्विक परिस्थितियों में यह धारणा एक बार फिर सही साबित हो रही है। कोविड-19 महामारी और भू-राजनीतिक संकट के बीच सोना एक बार फिर रिकॉर्ड बना रहा है और अन्य संपत्तियों की तुलना में निवेशकों के लिए निवेश का
Source: Navbharat Times April 22, 2021 10:41 UTC