खानदानी जौहरियों से किनारा कल्याण ज्वेलर्स इंडिया लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रमेश कल्याणरामन ने कहा कि धीरे-धीरे लोग खानदानी जौहरियों से रीटेल स्टोर्स की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं लेकिन कोरोना महामारी ने इस प्रोसेस को तेज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछली तिमाही में इसमें काफी तेजी आई। कई ऐसे ग्राहक थे जो पहली बार हमारे स्टोर्स में आए। पिछले साल के मुकाबले इनकी संख्या करीब 50 फीसदी अधिक थी। कोरोना महामारी के इस दौर में लोग भीड़भाड़ वाली जगहों पर और छोटी दुकानों पर नहीं जाना चाहते हैं। यही वजह है कि वे कल्याण जैसे स्टैंडअलोन स्टोर्स का रुख कर रहे हैं।पिछले साल घटी थी मांग देश में कोरोना की दूसरी लहर के प्रकोप को रोकने के लिए कई राज्यों ने स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन लगा रखा है। इस बार पिछले साल की तरह देशव्यापी लॉकडाउन नहीं लगाया गया है। पिछले साल देश में सोने की मांग 2 दशक के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई थी। लेकिन इस साल के पहले तीन महीनों में सोने की मांग में तेजी आई। सोने की कीमतों में गिरावट और इकनॉमिक एक्टिविटी के जोर पकड़ने से सोने की मांग बढ़ी।क्या है असंगठित क्षेत्र की समस्या कोरोना के कारण लोगों की सोना खरीदने की आदतों में आए बदलाव और शादी के सीजन के कारण कल्याण का प्रॉफिट जनवरी-मार्च तिमाही में 54 फीसदी बढ़ा है। कंपनी ने मार्च में आईपीओ के जरिए 15.8 करोड़ डॉलर जुटाए थे। इसके निवेशकों में Warburg Pincus LLC और सिंगापुर सरकार शामिल है। Commtrendz Risk Management Services के डायरेक्टर ज्ञानशेखर त्यागराजन ने कहा कि ग्राहक नेशनल और रीजनल ब्रांड्स का रुख कर रहे हैं। इसकी वजह यह है कि वे क्वालिटी को लेकर सुरक्षित महसूस करते हैं। असंगठित क्षेत्र में यह सबसे बड़ी समस्या है।क्वालिटी स्टैंडर्ड अपना रहे छोटे ज्वेलर्स त्यागराजन ने कहा कि ग्राहकों के व्यवहार में आए बदलाव को देखते हुए छोटे ज्वेलर्स भी अब अपने ग्राहकों को बनाए रखने के लिए क्वालिटी के बारे में सरकार के नए नियमों को अपना रहे हैं। सरकार ने इस सेक्टर को फॉर्मल इकॉनमी में लाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें डिजिटाइजेशन पर जोर, जीएसटी और क्वालिटी स्टैंडर्ड के सख्त नियम शामिल हैं। इससे टाटा ग्रुप की कंपनी टाइटन, कल्याण और मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स जैसी स्थापित चेंस की बाजार हिस्सेदारी में सुधार आया है।
Source: Navbharat Times May 29, 2021 08:10 UTC