India vs New Zealand 2019 News: now finger spinners will have to do something different says harbhajan singh - अब उंगली के स्पिनरों को कुछ अलग करने की जरूरत: हरभजन - News Summed Up

India vs New Zealand 2019 News: now finger spinners will have to do something different says harbhajan singh - अब उंगली के स्पिनरों को कुछ अलग करने की जरूरत: हरभजन


दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह को लगता है कि रविंद्र जडेजा के ऑलराउंडर कौशल के कारण वर्ल्ड कप की टीम में उनके पास जगह बनाने का मौका होगा है। लेकिन सिर्फ उंगली के स्पिनर के तौर पर टीम में बने रहने के लिए उन्हें सुधार करना होगा। कलाई के स्पिनरों कुलदीप यादव और युजवेन्द्र चहल पिछले 18 महीने में छोटे प्रारूप (वनडे और टी20) में भारत के शीर्ष स्पिनर बन गए हैं, जबकि जडेजा और अश्विन के लिए टीम में जगह बनाना मुश्किल हो गया है।न्यू जीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में जडेजा को अंतिम एकादश में मौका नहीं मिला लेकिन भारत के लिए 3 वर्ल्ड कप कप टूर्नमेंटों में खेलने वाले हरभजन का मानना है कि वह वर्ल्ड कप की टीम में जगह बना सकते हैं। हरभजन ने एक इंटरव्यू में कहा, 'अगर आपको याद हो, 2017 चैंपियंस ट्रोफी में ब्रिटेन में मौसम गर्म और उमस भरा था। इसलिए इस बार भी वैसा मौसम हुआ तो जडेजा का इस्तेमाल एक पैकेज की तरह किया जा सकता है। अगर विरोधी टीम में 5 या 6 दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं तो उन्हें टीम में रखा जा सकता है। वह छठे नंबर पर बल्लेबाजी भी कर सकते हैं जबकि हार्दिक पंड्या 7वें नंबर पर। वह टीम के सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षक भी हैं।'अपने जमाने के सबसे शानदार ऑफ स्पिनर माने जाने वाले हरभजन सिंह ने माना कि कलाई के स्पिनरों के मुकाबले उंगली के स्पिनरों के तरकश में कम तीर होते हैं। टेस्ट में 417 और वनडे में 269 विकेट लेने वाले 38 साल के इस गेंदबाज ने कहा, 'इसे समझना काफी आसान है, कलाई के स्पिनर के पास 3 विकल्प होते हैं। लेग स्पिन, गुगली और फ्लिपर। अगर आप टॉप स्पिनर हैं तो आपके पास चार विकल्प होंगे।'उन्होंने कहा, 'ऑफ स्पिनर की बात करें तो अगर आपके पास दमदार दूसरा का विकल्प नहीं है तो अच्छा बल्लेबाज आपकी गेंदबाजी का अंदाजा लगा लेगा और बड़े शॉट खेल सकता है। नाथन लियोन क्लासिकल ऑफ स्पिनर हैं और वह वनडे में संघर्ष करते दिखे।'इस गेंदबाज ने कहा कि दुनिया भर के बल्लेबाजों के स्पिन के खिलाफ खास कर कलाई के स्पिनरों के विरुध प्रदर्शन में गिरावट आई है। उन्होंने कहा, 'स्पिनरों को उनके हाथ को देखकर गेंद का अंदाजा लगाने का चलन कम हो रहा है। ज्यादातर विदेशी बल्लेबाज ऐसा नहीं कर पा रहे। कुलदीप और चहल ने हालांकि काफी निरंतर गेंदबाजी की है। लगभग 40 मैचों में आप उनका पिच मैप देखेंगे तो पाएंगे कि उनकी लेंग्थ बिलकुल सटीक रहती है।'


Source: Navbharat Times February 05, 2019 12:30 UTC



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