डिजिटल डेस्क,जबलपुर। ट्रेनों के पेंट्रीकार में मिलने वाले खान-पान की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाये जा रहे हैं। इसके साथ ही पेंट्रीकार में खाना की मनमानी वसूली हो रही है। यात्रियों द्वारा रेलवे अधिकारियों से लगातार शिकायत की जा रही थी। रेलवे ने जब टीम बनाकर सिर्फ एक ट्रेन को टारगेट किया और इटारसी से लेकर जबलपुर तक 3 दिनों तक जांच की तो इसमें 14 अवैध वेंडर पकड़े गये।इसी तरह यात्रियों ने बताया कि जो खाना उन्हें दिया गया उसकी गुणवत्ता ठीक नहीं थी। इसके अलावा खाना की थाली जो 100 रुपए से कम की थी उसके 180 रुपए से ज्यादा वसूले जा रहे थे। पानी की बॉटल भी सिर्फ रेल नीर ही देनी है लेकिन यहां दूसरी कंपनी की पानी की बॉटल दी जा रही थीं जिसमें 20 से 25 रुपए लिए जा रहे थे।जानकारी के अनुसार जबलपुर रेल मंडल की वाणिज्य विभाग और आरपीएफ की टीम बनाकर गाड़ी क्रमांक 12141 पाटिलीपुत्र सुपरफास्ट एक्सप्रेस में शुक्रवार से रविवार तक तीन दिनों जांच की गई। टीम को इन 3 दिनों में कई अनियमितताएं मिलीं। टीम ने रिपोर्ट तैयार करके वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी है जिसके बाद अब रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।सामग्री बेचने के दस्तावेज ही नहींस्पेशल चेकिंग टीम ने 10 अवैध वेंडरों को पकड़ा था वहीं रविवार को जब गाड़ी क्रमांक 12141 में उपनिरीक्षक राजकुमार चन्देल, प्रआर जितेन्द्र तिवारी, आरक्षक पंकज कुमार सिंह एवं प्रधान आरक्षक जसवंत परस्ते, डिप्टी सीटीआई नरेंद्र कुमार, शरद कुमार साहू, शशि कुमार यादव के साथ वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच की तो 2 अनधिकृत वेंडर पेंट्रीकार के व 2 अवैध वेंडर खाद्य सामग्री व पेय पदार्थ बेचते हुए मिले। अवैध वेंडरों को पकड़कर जबलपुर पोस्ट लाया गया जहां इनके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई।आखिर किसका संरक्षणट्रेनों में लगातार खाद्य सामग्री बेचने वैध और अवैध वेंडर चढ़ते हैं। आखिर बिना अधिकारियों की सांठगांठ के ट्रेनों में खाद्य सामग्री बेच पाना कैसे संभव है। इन वेंडरों को रेलवे के ही अधिकारियों, कर्मचारियों का संरक्षण है जिसके कारण लगातार ये सामग्री बेचते रहते हैं।
Source: Dainik Bhaskar February 23, 2026 11:39 UTC