नवनीत सक्सेना, सुपरस्पेशिलिटी अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. जितेंद्र गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित इस कोर्स का नेतृत्व शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका लाजरस ने किया। कार्यक्रम का समन्वयन नवजात शिशु विशेषज्ञ डॉ. जया उपाध्याय ने किया।मास्टर ट्रेनर बचाएंगे हजारों शिशुओं की जानविशेषज्ञों ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले डॉक्टर अब मास्टर ट्रेनर के रूप में काम करेंगे। ये न केवल जन्म के तुरंत बाद न रोने वाले बच्चों का प्रबंधन करेंगे, बल्कि अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित करेंगे, जिससे हजारों शिशुओं की जान बचाई जा सकेगी। कार्यशाला में डॉ. नैन्सी साहू ने प्रशिक्षक की भूमिका निभाई, साथ ही डॉ.
Source: Dainik Bhaskar March 30, 2026 10:30 UTC