जमशेदपुर, विश्वजीत भट्ट। Jharkhand Assembly Election 2019 2nd phase Voting राज्य की सभी 81 विधानसभा सीटों में सबसे हॉट का रुतबा पा चुकी जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा सीट पर शनिवार को मतदाताओं ने भाजपा प्रत्याशी और मुख्यमंत्री रघुवर दास, उनके खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी सरयू राय, झाविमो के केंद्रीय महासचिव अभय सिंह और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सह प्रत्याशी गौरव वल्लभ समेत 20 प्रत्याशियों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में कैद कर दी।प्रत्याशियों की जबर्दस्त तैयारी, प्रशासन की मुकम्मल व्यवस्था और मीडिया की भारी गहमागहमी के बीच मतदाताओं ने अपने मन का किया और वह भी चुपेचाप। गुलाबी ठंड में हुए मतदान के दौरान किसी भी बूथ पर वैसी गहमागहमी नहीं दिखी जैसी 2014 में दिखी थी। दलीय उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच भिड़ंत की आशंका भी मतदाताओं ने निर्मूल साबित कर दी। सरयू राय का यह एलान भी बेमानी हो गया कि हंगामा होने पर ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। सियासी दलों के गढ़ समझे जाने वाले इलाकों में भी बूथों पर वोटरों का हुजूम नहीं दिखा और न ही किसी प्रत्याशी के टेंट में जनता का सैलाब उमड़ा। लोग आराम से आते रहे और वोट देकर जाते रहे।वोट प्रतिशत 49.12 रहा3,06,607 वोटरों वाला यह विधानसभा क्षेत्र मुख्य रूप से दो भागों में बंटा है। एक कंपनी प्रदत्त नागरिक सुविधाओं वाला इलाका, यानि कंपनी क्षेत्र कहलाता है। दूसरा इलाका वैसी बस्तियों का है जहां सरकार की ओर से स्थानीय निकाय नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। दोनों इलाकों के मतदान केंद्रों पर प्रशासन ने मुकम्मल व्यवस्था की थी। कई आदर्श मतदान केंद्र भी बनाए गए थे। लेकिन, मतदाताओं ने सारी व्यवस्था और जागरूकता अभियान के बावजूद उतना उत्साह नहीं दिखाया। डीएवी पटेलनगर को छोड़कर शाम पांच बजे तक ऐसा एक भी मतदान केंद्र नहीं था जहां मतदाताओं की इतनी संख्या थी जिनका मतदान कराने में कुछ समय और खर्च करने पड़ते। इस क्षेत्र में सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ और शाम पांच बजे तक चला। वोट प्रतिशत 49.12 प्रतिशत रहा।सीएम इसी क्षेत्र के वोटरमुख्यमंत्री रघुवर दास इसी क्षेत्र के वोटर हैं। उन्होंने भालूबासा स्थित हरिजन उच्च विद्यालय परिसर में बने केंद्र पर मतदान किया। आलम यह रहा कि जब वे मतदान केंद्र पर आए तो वोटरों की संख्या न के बराबर थी। नतीजतन उन्हें लाइन में लगने की नौबत ही नहीं आई। परिवार संग आए और आराम से वोट देने के बाद कुछ क्षण अपने टेंट में बैठकर वहां उमड़े मीडियाकर्मियों को मतदान वाली उंगली का निशान दिखाते हुए चले गए। पूरे क्षेत्र के सभी बूथों पर भाजपा से रघुवर दास, निर्दलीय सरयू राय, झाविमो के अभय सिंह और कांग्रेस के गौरव वल्लभ के टेंट लगे हुए थे। हर बूथ पर इनके एजेंट भी थे। लेकिन, मतदाताओं के चुपचाप आकर वोट डालने के अंदाज के कारण न कहीं बोगस वोटिंग की शिकायत आई और न कहीं अन्य तरह से हेराफेरी का ही अरोप लगा। अलबत्ता दिन में दो बजे के करीब जरूर बिरसानगर में भिड़ंत की अफवाह वायरल हुई, जो आधारहीन साबित हुई।दिग्गजों का फूलता रहा दममतदाताओं के ठंडे रुख से पूरी वोटिंग अवधि तक प्रत्याशियों, उनके रणनीतिकारों, चुनाव के पंडितों और नतीजों का अनुमान लगाने वाले दिग्गजों का दम फूलता रहा। कंपनी क्षेत्र से कम वोटिंग का निहितार्थ भी अपने हिसाब से प्रत्याशी निकालते रहे तो बस्ती इलाकों में अपेक्षाकृत ज्यादा वोटिंग के मायने भी बताए जाते रहे। मतदान समाप्ति के बाद चारों दमदार प्रत्याशियों के रणनीतिकारों ने रूटीन अंदाज में जीत के दावे किए। भाजपा बताती रही कि कम मत प्रतिशत का मतलब जीत के अंतर का कम होना नहीं होता। निर्दलीय सरयू राय के समर्थक निरूपित करते रहे कि वोट प्रतिशत गिरने का सीधा लाभ उन्हें मिलने की उम्मीद है। इन सबके बीच बूथ दर बूथ घूमते रहे झाविमो प्रत्याशी अभय सिंह बार-बार यह जताने का प्रयास कर रहे थे कि भाजपा और निर्दलीय भले सभी बूथ पर न दिखें, लेकिन उनकी उपस्थित हर बूथ पर है। मतदान के दौरान कांग्रेस के एजेंट और टेंट के साथ नेताओं की फौज भी अपनी उपस्थिति दिखाती रही। नतीजों को लेकर अटकलों का द्वार खोलकर मतदाता 'चुपेचापÓ शाम पांच के बाद अपने घर हो लिए।मंथर गति से बढ़ा मतदान प्रतिशतसुबह नौ बजे 13.2 प्रतिशत11 बजे 21.1 प्रतिशतदोपहर एक बजे 34.9 प्रतिशतशाम तीन बजे 46.41 प्रतिशतशाम पांच बजे 49.12 प्रतिशतPosted By: Rakesh Ranjanअब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप
Source: Dainik Jagran December 08, 2019 04:52 UTC