Lucknow Samachar: budget main copy: half - बजट मेन कॉपी : आधा - News Summed Up

Lucknow Samachar: budget main copy: half - बजट मेन कॉपी : आधा


इनसेटलखनऊ के लिए 3000 करोड़ से ज्यादाबजट की गंगा की कुछ धार से लखनऊ भी सिंचित हुआ है। 3000 करोड़ रुपये से अधिक अलग-अलग योजनाओं में राजधानी के हिस्से में आएंगे। इसमें अधिकांश हिस्सा अस्पतालों का है। केजीएमयू को 907 करोड़, एसजीपीजीआई को 396 करोड़, राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट को 396 करोड़ और कैंसर संस्थान को 248 करोड़ रुपये दिए गए हैं। राजधानी में खुलने वाली अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए भी 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसी यूनिवर्सिटी में अटल शोधपीठ के लिए 2 करोड़ रुपये अलग से दिए जाएंगे। राज्य संग्रहालय में अग्निशमन संयंत्रों के लिए 3.95 करोड़, प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय के लिए 5 करोड़ व राय उमाबली प्रेक्षागृह के भी खाते में 1 करोड़ रुपये आए हैं। अखिलेश यादव के ड्रीम प्रॉजेक्ट जेपीएनआईसी पर योगी सरकार ने दरियादिली दिखाते हुए 70 करोड़ का बजट दिया है। वहीं, केडी सिंह बाबू स्टेडियम के स्विमिंग पूल को 6 करोड़ रुपये से कवर किया जाएगा।बजट के 5 संदेश1. विकास को रफ्तार का साथविकास के दावे सच करने के लिए आधारभूत ढांचे की अहमियत को योगी सरकार समझती दिखी है। लखनऊ-नोएडा से निकलकर मेट्रो कानपुर, आगरा, बनारस, मेरठ, प्रयागराज और योगी के गोरखपुर भी पहुंचेगी। आगरा एक्सप्रेस-वे पर क्रेडिट की चिंता किए बिना योगी सरकार ने 100 करोड़ दिए हैं। बुंदलेखंड, पूर्वांचल व गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए भी पैसों का इंतजाम कर दिया गया है। मेरठ-दिल्ली रैपिड रेल को भी हकीकत बनाने के लिए 400 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। बिजली व सड़क के बजट में भी 20% की बढ़ोतरी की गई है।2. योजनाएं खोलेंगी गठबंधन की 'गांठ'चुनावी कुरुक्षेत्र में सपा-बसपा गठबंधन की काट तलाशने की भी कोशिश की गई है। सरकार ने अनुसूचित जातियों के लिए स्पेशल कंपोनेंट प्लान में 26 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट दिया है, जो पिछली बार से 6% ज्यादा है। वहीं, अनुसूचित जनजातियों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं का बजट 144% बढ़ाया गया है। वनटांगिया गांवों की लड़ाई लड़ने वाले योगी ने उनका खयाल रखा है। इन गांवों में प्राइमरी स्कूल खोलने के लिए 5 करोड़ रुपये दिए गए हैं। एससी छात्रों की स्कॉलरशिप के लिए 2037 करोड़, ओबीसी के लिए 1516 करोड़ व एसटी के लिए 30 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं, ओबीसी की फीस प्रतिपूर्ति के लिए 600 करोड़ रुपये अलग से दिए गए हैं।मोदी की चाह, योगी की राहवित्तमंत्री के बजट भाषण के दूसरे पन्ने का तीन-चौथाई हिस्सा पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफों से भरा है। बजट की राह चुनते हुए भी योगी ने मोदी की चाह का पूरा खयाल रखा है। केंद्र की फ्लैगशिप योजनाओं प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, आयुष्मान भारत और स्मार्ट सिटी मिशन में न केवल भरपूर रकम दी गई है बल्कि इन योजनाओं के गैप भी भरने की कवायद की गई है। मसलन, आयुष्मान भारत में कवर न हो पा रहे यूपी के 10.10 लाख लाभार्थियों के लिए मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान शुरू किया गया है। इसमें 111 करोड़ रुपये खर्च होंगे।गाय, संस्कृत और संस्कृति : भाजपा व संघ के साथ ही व्यक्तिगत तौर पर जिस सांस्कृतिक अजेंडे को लेकर योगी मुखर रहते हैं उनका बजट भी उस पर उतना ही मुखर है। गोवंश के रख-रखाव व संरक्षण के लिए गांव से शहर तक बजट प्रावधान किए गए हैं। हालांकि, गौसेवा के साथ ही आवारा पशुओं के आंतक से परेशान किसानों के आक्रोश को ठंडा करने की भी चिंता इसमें छुपी हुई है। बजट साफ कहता है कि युवाओं को प्राचीन परंपराओं से जोड़ने के लिए संस्कृत की शिक्षा जरूरी है। इसके लिए संस्कृत पाठशालाओं को 242 करोड़ रुपये का अनुदान व अनुदानित संस्कृत विद्यालयों को 30 करोड़ की मदद दी जाएगी। काशी विद्यापीठ को 21 करोड़ व संपूर्णानंद संस्कृत विवि बनारस को 21.75 करोड़ रुपये अलॉट किए गए हैं।पुलिस को सुविधाओं की 'शाबाशी'भाषणों में अपराधियों को एनकाउंटर का खौफ दिखाने वाले योगी ने पुलिस को सुविधाओं की 'शाबाशी' से नवाजा है। कभी भीड़ का शिकार तो कभी एनकाउंटर पर नोटिस झेल रही पुलिस के मनोबल को साधने के लिए उनके बजट में 42% बढ़ोतरी की गई है। इसमें बड़ा हिस्सा आवास, पुलिस लाइंस, बैरक जैसी आधारभूत सुविधाएं विकसित करने पर खर्च होगा। आधुनिकीकरण पर भी 200 करोड़ से अधिक खर्च होंगे। सरकार की पूरी कोशिश है कि इसके जरिए पुलिसकर्मियों का विश्वास जीता जाए।4 79,101 करोड़ का बजट170923 करोड़ सैलरी व पेंशन पर खर्च21, 212 करोड़ की नई योजनाएं64476 करोड़ इन्फ्रास्ट्रक्चर को73629.68 करोड़ शिक्षा के लिए22867 करोड़ स्वास्थ्य सुविधाओं पर25490 करोड़ कानून-व्यवस्था के लिए53000 करोड़ गांव-किसान को17664 करोड़ नगर विकास पर10862 करोड़ महिला व बाल कल्याण को27000 करोड़ रुपये समाज कल्याण के लिए36000 करोड़ बिजली पर खर्च होंगे-----------------'जब इरादा बना लिया ऊंची उड़ान का, फिर देखना फिजूल है कद आसमान का।'


Source: Navbharat Times February 08, 2019 00:56 UTC



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