Mumbai News. क्लर्क के रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद विपक्ष के निशाने पर आए प्रदेश के अन्न व औषधि प्रशासन (एफडीए) मंत्री नरहरी जिरवाल ने कहा कि मेरे विभाग में भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में जिरवाल ने कहा कि मुझे ऐसा नहीं लगता है कि मेरे दल राकांपा (अजित) में कोई बदनामी करके मुझे मंत्री पद से हटाना चाहता है। मुझे यह भी नहीं लगता है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इशारे पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मेरे कार्यालय में छापा मारा होगा। जिरवाल ने कहा कि मेरी किसी से राजनीतिक दुश्मनी नहीं है। इसलिए मेरा किसी भी व्यक्ति पर संदेह नहीं है। लेकिन मेरी आत्मा दुखी है, क्योंकि क्लर्क के रिश्वत लेने के मामले को मुझ तक जोड़ा जा रहा है। एक सवाल के जवाब में जिरवाल ने कहा कि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने नाराजगी नहीं जताई है बल्कि उन्होंने गहराई से जांच के आदेश दिए हैं।जिरवाल ने कहा कि मंत्रालय के नई इमारत में स्थिति मेरे कार्यालय के क्लर्क राजेंद्र ढेरंगे की रिश्वत लेने के मामले में जांच शुरू है। वह मूल रूप से राज्य के खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग के थे। मेरे कार्यालय में उनकी प्रतिनियुक्ति की गई थी। लेकिन अब मैंने उनकी प्रतिनियुक्ति को तत्काल रद्द करके मूल विभाग में भेजने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग को आदेश जारी करने के लिए कहा है। जिरवाल ने कहा कि एसीबी की ओर से क्लर्क की जांच शुरू है। इसके अलावा मैंने अलग से पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के लिए एफडीए के सहआयुक्त (सतर्कता) और संबंधित पुलिस उपायुक्त को कहा गया है। इस मामले की जांच के बाद गोपनीय रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इससे पहले 12 फरवरी को एसीबी ने मंत्रालय के दूसरी मंजिल पर स्थित एफडीए मंत्री के कार्यालय में क्लर्क को 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था।
Source: Dainik Bhaskar February 18, 2026 03:36 UTC