Nagpur News नवंबर 2024 में विधानसभा के लिए चुने गए विधान सभा सदस्यों को उनके निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए वार्षिक विकास निधि उपलब्ध नहीं हुई थी। इस कारण विकास कार्य प्रभावित होने का रोना विधायक रो रहे थे। विधान सभा व विधान परिषद सदस्यों ने वार्षिक विकास निधि देने की मांग सरकार से की थी। सरकार ने 14 महीने बाद जिले के 15 विधायकों (विधान सभा के 12 व विधान परिषद के 3) को विकास कार्यों के लिए केवल 45 करोड़ की निधि मंजूर की है। विधायक इसे अपर्याप्त मान रहे हैं। पर्याप्त निधी नहीं मिलने से जिले में विकास कार्य प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।राज्य सरकार हर विधायक को स्थानीय विकास कार्य के काम के लिए सालाना 5 करोड़ रुपये का निधि देती है। इस निधि का इस्तेमाल गांवों, शहरों और ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर विकास कार्य के लिए किया जाता है। गांव और शहरी क्षेत्रों में सड़क बनाने, नालियों को बेहतर बनाने, पानी सप्लाई सिस्टम को बेहतर बनाने, हेल्थ सेंटर, पब्लिक सुविधाओं में उद्यान/उद्यान भवन, कम्युनिटी सेंटर प्रोजेक्ट, छोटे पुल, स्ट्रीट लाइट बढ़ाने और दूसरे लोकल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए किया जाता है। यह काम जिला नियोजन विभाग से मंजूर होते है , इसे जमीन पर उतारा जाता है। लेकिन 2024 निर्वाचित विधायकों को अब तक वार्षिक विकास निधि नहीं मिलने से विकास के काम ठप पड़ गए थे। जिले के सभी 15 विधायक जिला नियोजन विभाग से निधि की मांग कर रहे थे।एक-एक विधायक को मिलेंगे 3-3 करोड़ : राज्य के नियोजन विभाग ने 15 विधायकों को केवल 45 करोड़ का वार्षिक विकास निधि मंजूर किया है। पुणे जिले के विधायकों को छोड़कर राज्य के लिए 1354 करोड़ का निधि मंजूर किया है। इस हिसाब से जिले के विधायकों को विकास कार्यों के लिए केवल 3-3 करोड़ ही मिलेंगे। इसमे दक्षिण-पश्चिम नागपुर से निर्वाचित मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हैं।
Source: Dainik Bhaskar January 30, 2026 14:34 UTC