Nagpur News महिला व बाल कल्याण विभाग ने इंदोरा बुद्ध विहार अंतर्गत चल रहे नालंदा छात्रावास में छापा मारा। अारोप है कि यह छात्रावास बगैर अनुमति संचालित किया जा रहा था। प्रारंभिक पड़ताल में सुरक्षा से लेकर कई खामियां पाई गई हैं। बौद्ध धर्मगुुरु भदंत आर्य नागार्जुन सुरेई ससाई सहित पंद्रह संचालकों के खिलाफ जरीपटका थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है।बगैर अनुमति हो रहा था संचालित : इंदोरा बुद्ध विहार अंतर्गत ‘नालंदा नाम से महिला छात्रावास’ संचालित िकया जा रहा था। अरूणाचल प्रदेश सहित अन्य राज्यों की आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की लड़कियों को यहां रखा जाता था। संपूर्ण खर्च नालंदा संस्था द्वारा उठाया जाता था, लेकिन सरकार से इसके लिए आवश्यक अनुमति संस्था ने नहीं ली थी। छात्रावास में रहने वाली सभी 29 लड़कियां नाबालिग हैं। उनकी सुरक्षा व अन्य कागजी कार्रवाई में खामी पाई गई। इस कारण जिला महिला व बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे, बाल संरक्षण अधिकारी मुस्ताक पठान, साधना हटवार, चाइल्ड हेल्पलाइन प्रतिनिधि अनिकेत भिवगडे, मीनाक्षी धडाडे, पूजा कांबले, मेघा पाटील, मंगला टेंभुर्णे, सचिन धोतरकर, रंजीत कुंभारे, न्यू विजन फाउंडेशन की प्रियंका होठे, ग्रामीण समस्या मुक्ति ट्रस्ट की रूपाली वानखेडे, अश्विनी चौरे, कोमल मेश्राम, पारमिता गजभिये ने पुलिस की मदद से नालंदा छात्रावास में छापा मारा।शासकीय संरक्षण में लड़कियां : सभी लड़कियों को नालंदा छात्रावास से मुक्त कर शासकीय संरक्षण में रखा गया है। छात्रावास के अध्यक्ष भदंत आर्य नागार्जुन सुरेई ससाई हैं, इसलिए प्रकरण में उनके नाम पर भी मामला दर्ज किया गया। उनके अलावा उपाध्यक्ष भास्कर धमगाये तथा अन्य पदाधिकारी अमित गडपायले, अरूण नागदीवे, सुनील अंडरसहारे, रमेश डोंगरे, नितिन गणवीर, अजय निकोसे आदि के खिलाफ बाल संरक्षण अधिनियम, 2015 अंतर्गत धारा 41 व 75 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
Source: Dainik Bhaskar February 18, 2026 06:57 UTC