Nagpur News सिविल लाइंस स्थित विधान भवन के सामने ‘पूनम टॉवर’ तथा बैरामजी टाउन, छावनी क्षेत्र में स्थित ‘पूनम चेंबर्स’ में किए गए अवैध निर्माण को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने याचिका दायर है। इस मामले में अब मनपा के 22 पूर्व अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है। इनमें पूर्व आयुक्त और उपायुक्त स्तर के अधिकारी शामिल हैं। अदालत ने सभी अधिकारियों को 17 मार्च तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है कि इन इमारतों में अवैध निर्माण पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई : विजय बाभरे द्वारा यह याचिका दायर की गई है। मामले पर न्यायमूर्ति अनिल पानसरे और न्यायमूर्ति निवेदिता मेहता की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। प्रतिवादियों में अभिजीत चौधरी, राधाकृष्णन बी., तुकाराम मुंडे, अभिजीत बांगर, विरेंद्र सिंह, अश्विन मुद्गल, श्रवण हर्डीकर, श्याम वर्धने, राजकुमार मेश्राम, स्नेहलता कुंभार, प्रकाश वराडे, महेश मोरोणे, राजेश कराडे, अशोक गराडे, विकास रायबोले, नरेंद्र बावनकर, सुनीता काले, अजय कुरवाडे, विजय हुमने, हरीश राऊत, राजेश धामेचा और प्रकाश वराडे शामिल हैं। ये सभी अधिकारी पिछले कुछ वर्षों में मनपा आयुक्त या उपायुक्त पद पर कार्यरत रहे हैं। अदालत का प्रारंभिक मत है कि अवैध निर्माण हटाने के आदेश के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। याचिकाकर्ता की ओर से एड. निखिल गायकवाड तथा मनपा की ओर से एड. जेमिनी कासट ने पक्ष रखा।
Source: Dainik Bhaskar February 19, 2026 07:47 UTC