Nagpur News शहर की सड़कों पर चलने वाले वाहनों से कितना प्रदूषण हो रहा है, यह जानने के लिए अलग से सर्वे करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सीएसआईआर-नीरी नागपुर ने एआई आधारित वाहन प्रदूषण मॉनिटरिंग डैशबोर्ड विकसित किया है। जो सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से वाहनों की पहचान करेगा। साथ ही रीयल टाइम में प्रदूषण का आकलन करेगा। यह प्रणाली शहर के उन मार्गों और इलाकों की भी पहचान करेगी, जहां वाहनजनित प्रदूषण सबसे अधिक है।कैमरे बताएंगे प्रदूषण का स्तरसीएसआईआर-नीरी द्वारा विकसित प्रणाली का नाम एआई इंटीग्रेटेड जीआईएस बेस्ड लाइन सोर्स एमिशन इन्वेंटरी (एआई-एलएसईआई) डैशबोर्ड है। यह डैशबोर्ड शहर की सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से मिलने वाली लाइव वीडियो फीड का विश्लेषण करता है। एआई तकनीक वीडियो में दिखाई देने वाले वाहनों को पहचानकर उन्हें अलग-अलग श्रेणियों में बांटती है। जैसे दो पहिया, तीन पहिया, कार, हल्के व भारी वाणिज्यिक वाहन, बस और ट्रैक्टर आदि। इसके बाद वाहनों की संख्या और प्रकार के आधार पर तत्काल उत्सर्जित प्रदूषण का अनुमान लगाया जाता है।जीआईएस मैप पर दिखेंगे हॉटस्पॉटडैशबोर्ड वैज्ञानिक रूप से निर्धारित एमिशन फैक्टर्स के आधार पर प्रमुख वायु प्रदूषकों की गणना करता है। इसमें कण पदार्थ (पीएम), नाइट्रोजन ऑक्साइड (एनओएक्स), कार्बन मोनोऑक्साइड (सीओ), हाइड्रोकार्बन (एचसी) आदि के आंकड़ों को जीआईएस मानचित्र पर प्रदर्शित किया जाता है, जिससे शहर के उन क्षेत्रों की पहचान करना आसान हो जाता है जहां वाहनजनित प्रदूषण सबसे ज्यादा है।इस तरह मिलती है अपडेटेड जानकारीनीरी के गेट क्रमांक एक पर लगे सीसीटीवी कैमरे के अनुसार प्राप्त जानकारी के संकलन के बाद उसके नतीजे इसप्रकार बताए गए। सोमवार की रात 12 बजे से मंगलवार की शाम 4 बजे तक पीएम 3.5 केजी, एनओएक्स 22 केजी, एचसी 14.4 केजी और सीओ 53 केजी था। यहां सर्वाधिक प्रदूषण जामठा में हुई मैच 21 जनवरी के दिन था। उस समय पीएम 4.8 केजी, एनओएक्स 30.3 केजी, एचसी 25 केजी और सीओ 88 केजी था। कुल मिलाकर वाहनों से कार्बन मोनोऑक्साइड सर्वाधिक उत्सर्जित होता है।यातायात नियंत्रण में मिलेगी मददविशेषज्ञों के अनुसार इस डैशबोर्ड से शहर प्रशासन को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकेंगी। जैसे किन सड़कों पर अधिक प्रदूषण है, दिन के किस समय प्रदूषण चरम पर होता है, किस प्रकार के वाहन अधिक प्रदूषण फैला रहे हैं आदि का पता चल सकेगा। इन आंकड़ों के आधार पर प्रशासन द्वारा ट्रैफिक डायवर्जन, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा और प्रदूषण नियंत्रण की रणनीति तैयार कर सकेगा।
Source: Dainik Bhaskar March 11, 2026 15:36 UTC