Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएंनैनीताल निवासी बोहरा ने बताया कि 26-27 मार्च को बेंगलुरु में आयोजित सम्मेलन का मुख्य विषय सर्कुलर इकोनॉमी प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन में हालिया तकनीकी प्रगति रखा गया था। भास्कर ने शोध प्रस्तुति मौखिक रूप से दी जिसे विषय विशेषज्ञों और जूरी सदस्यों ने काफी सराहा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के शोध प्लास्टिक प्रदूषण जैसी वैश्विक समस्याओं के समाधान में तकनीक की भूमिका को मजबूत करते हैं। विज्ञापन विज्ञापननैनीताल निवासी बोहरा ने बताया कि 26-27 मार्च को बेंगलुरु में आयोजित सम्मेलन का मुख्य विषय सर्कुलर इकोनॉमी प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन में हालिया तकनीकी प्रगति रखा गया था। भास्कर ने शोध प्रस्तुति मौखिक रूप से दी जिसे विषय विशेषज्ञों और जूरी सदस्यों ने काफी सराहा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के शोध प्लास्टिक प्रदूषण जैसी वैश्विक समस्याओं के समाधान में तकनीक की भूमिका को मजबूत करते हैं।नैनीताल। प्लास्टिक और ई-कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार और शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंगलुरु के पोस्टडॉक शोधार्थी व कुमाऊं विश्वविद्यालय के पूर्व शोधार्थी भास्कर सिंह बोहरा ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के प्लास्टिक एंड ई-वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर की ओर से आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में भास्कर को उनके उत्कृष्ट शोध पत्र के लिए सर्वश्रेष्ठ पेपर पुरस्कार से नवाजा गया।
Source: Dainik Bhaskar March 30, 2026 19:56 UTC