Pradhan Mantri Kisan Yojana: no pm-kisan cover for 5 years if land bought after 1 february - बन गया पीएम किसान योजना का नियम, इन किसानों को सालाना 6 हजार रुपये देगी सरकार - News Summed Up

Pradhan Mantri Kisan Yojana: no pm-kisan cover for 5 years if land bought after 1 february - बन गया पीएम किसान योजना का नियम, इन किसानों को सालाना 6 हजार रुपये देगी सरकार


अगर किसी ने 1 फरवरी के बाद खेती योग्य जमीन का छोटा सा टुकड़ा भी खरीदा तो उसे अगले पांच वर्षों तक पीएम किसान योजना के तहत सालाना 6 हजार रुपये नहीं मिलेंगे। 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में मोदी सरकार ने पीएम किसान के नाम से किसानों को तयशुदा आमदनी की योजना का ऐलान किया।अब इस योजना के नियम-शर्तों का ब्योरा आ चुका है। इसमें कहा गया है कि जिन लोगों का नाम 1 फरवरी 2019 तक लैंड रेकॉर्ड्स में पाया जाएगा, वे ही इस पीएम किसान योजना का लाभ पाने के हकदार होंगे। उसके बाद लैंड रेकॉर्ड्स में हुए बदलाव के जरिए जमीन के नए मालिक बने किसानों को अगले पांच वर्षों तक योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा।केंद्रीय कृषि सचिव संजय अगरवाल ने टाइम्स ऑफ इंडिया को योजना के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया, 'हालांकि उत्तराधिकार के कारण कृषियोग्य भूमि के मालिकाना हक में 1 फरवरी की समयसीमा के बाद हुए बदलाव के बावजूद योजना का लाभ दिया जाएगा, लेकिन जमीन खरीद के मामले में अगले पांच वर्षों तक सालाना 6,000 रु. का लाभ नहीं मिलेगा।'उन्होंने आगे कहा, 'हमने विस्तृत दिशा-निर्देश तय कर लिया है। अगर राज्यों को कुछ सुझाव देना होगा तो उन पर विचार करते हुए इसे मंगलवार तक जारी कर दिया जाएगा।'पीएम किसान स्कीम के तहत पांच एकड़ से कम कृषि योग्य भूमि वाले छोटे एवं सीमांत किसानों को तीन किस्तों में सालाना 6,000 रु. देने का ऐलान किया गया है। खबरें आ रही हैं कि केंद्र सरकार आम चुनाव से पहले किसानों को एक या दो किस्त जारी कर देना चाहती है। इसके लिए राज्यों से कहा गया है कि 2,000 रु. की पहली किस्त लेने के लिए किसानों को आधार देने की अनिवार्यता नहीं रहेगी। हालांकि, 31 मार्च के बाद से जारी होने वाली किस्तों के लिए आधार नंबर देना जरूरी होगा।छोटे एवं सीमांत किसान परिवार की परिभाषा में वैसे परिवारों को शामिल किया गया है जिनमें पति-पत्नी और 18 वर्ष तक की उम्र के नाबालिग बच्चे हों और ये सभी सामूहिक रूप से दो हेक्टेयर यानी 5 एकड़ तक की जमीन पर खेती करते हों।बजट ऐलान के कुछ घंटों बाद ही राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को भेजे गए दिशा-निर्देश में कहा गया है कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय जल्द ही एक विशेष पोर्टल लॉन्च करेगा जहां सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को लाभार्थियों की जिलावार सूची अपलोड करनी होगी।डेटाबेस में जमीन मालिक का नाम, लिंग, सामाजिक वर्गीकरण (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति), आधार नंबर, बैंक अकाउंट नंबर और मोबाइल नंबर आदि शामिल होंगे। एक अधिकारी ने बताया, 'जनधन बैंक अकाउंट नंबर, आधार और मोबाइल नंबर से योग्य लाभार्थियों और अयोग्य दावेदारों की पहचान में मदद मिलेगी।'


Source: Navbharat Times February 05, 2019 05:11 UTC



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