लखनऊ मुख्यालय से प्रयागराज कार्यालय शिकायत को भेजा गया और जनवरी 2021 से जांच शुरू की गई। 15 जनवरी में ही आरोपी रामदुलार की सारी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। जनवरी में विभागीय जांच की गई तो रामदुलार का सर्टिफिकेट फर्जी पाया गया।
Source: Navbharat Times May 07, 2021 10:30 UTC