भास्कर न्यूज, जेजुरी। महाराष्ट्र के कुलदेवता श्री खंडोबा देव के पावन धाम जेजुरी गढ़ पर माघी पूर्णिमा पर बहुरंगी शिखर काठियों का भव्य उत्सव पारंपरिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। राज्य के विभिन्न भागों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भंडारा (हल्दी) उड़ाते हुए संपूर्ण गढ़ परिसर को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। सैकड़ों वर्षों की परंपरा के अनुसार विभिन्न सम्मानित और प्रासादिक शिखर काठियां ढोल-ताशों, हलगी और लोकवाद्यों की गूंज के साथ जेजुरी गढ़ पर पहुंची। इनमें खैरे परिवार की मान की काठी, संगमनेरकरों की उलम (होलम) काठी, पंच स्वरूप ऐतिहासिक होलकर काठी सहित अन्य शिखर काठियों का समावेश था। ‘सदानंदाचा येलकोट’ के जयघोष और पीले जर्द भंडारे (हल्दी) से पूरा जेजुरी गढ़ सराबोर हो गया।- श्री मार्तंड देवस्थान ने किया काठियों का स्वागतश्री मार्तंड देवस्थान पंच कमेटी की ओर से अध्यक्ष मंगेश घोणे, विश्वस्त एड. पांडुरंग थोरवे, विश्वास पानसे, अनिल सौंदडे आदि ने सभी मान की काठियों का पारंपरिक स्वागत किया। इससे पूर्व ऐतिहासिक होलकर वाड़ा में खैरे काठी तथा छत्री मंदिर में फुल (उलम) काठी का विधिवत पूजन किया गया। इसके बाद नगर की ग्राम-प्रदक्षिणा करते हुए काठियां गढ़ पर पहुंचीं। जेजुरी के मध्यवर्ती मारुति मंदिर (चावड़ी) में काठियों को मान दिया गया। सुबह खैरे काठी और दोपहर में संगमनेरकरों की उलम काठी को मान प्राप्त हुआ। माघी पूर्णिमा के अवसर पर संगमनेर तालुका सहित अनेक गांवों से श्रद्धालु अपने कुलदेवता के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।- असामाजिक तत्वों का विघ्न डालने का प्रयास विफलउत्सव के दौरान मंदिर प्रशासन की ओर से सुव्यवस्थित नियोजन किया गया था तथा कड़ा पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था। हालांकि, उत्सव के बीच कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अनुचित व्यवहार की घटनाएं सामने आईं, जिन पर समय रहते नियंत्रण किया गया। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।
Source: Dainik Bhaskar February 03, 2026 02:07 UTC