Pune City News: भीमाशंकर मंदिर 10 अप्रैल से दर्शनार्थियों के लिए खुला रहेगा, किसी भी तरह की अवधि बढ़ोतरी नहीं होगी: जिल्हाधिकारी - News Summed Up

Pune City News: भीमाशंकर मंदिर 10 अप्रैल से दर्शनार्थियों के लिए खुला रहेगा, किसी भी तरह की अवधि बढ़ोतरी नहीं होगी: जिल्हाधिकारी


भास्कर न्यूज, पुणे। श्री क्षेत्र भीमाशंकर मंदिर को 10 अप्रैल 2026 से सभी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। जिल्हाधिकारी जितेंद्र डूडी ने महाशिवरात्रि के मौके पर मंदिर में आयोजित सरकारी पूजा में यह जानकारी दी और स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की समय सीमा बढ़ोतरी नहीं की जाएगी।जिल्हाधिकारी ने बताया कि श्रावण महीने तक सभी कार्य पूरी तरह से पूरे हो जाएंगे। भीमाशंकर देवस्थान के अध्यक्ष सुरेश कौदरे, उपकार्यकारी विश्वस्त मधुकर गवांदे, गणेशनाथ महाराज, प्रांत अधिकारी गोविंद शिंदे, अनिल दोंडे सहित कई अधिकारी और स्थानीय लोग इस अवसर पर मौजूद थे।मंदिर में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण 9 जनवरी से मंदिर बंद रखा गया था। डूडी ने श्रद्धालुओं का सहयोग और समझदारी के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि तीन महीने में खोदाई और तोड़फोड़ का काम पूरा हो जाएगा और इसके बाद दर्शन के लिए मंदिर खोला जाएगा। बाकी कार्य धीरे-धीरे चलते रहेंगे।जिल्हाधिकारी ने कहा कि भीमाशंकर विकास आराखड़ा तैयार करते समय स्थानीय लोगों को विश्वास में लेकर काम किया जा रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को आर्थिक लाभ भी होगा। मंदिर परिसर में हर साल भीमाशंकर महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिससे स्थानीय आदिवासी समुदाय को फायदा होगा।मंदिर में अस्वच्छ पानी की समस्या को दूर करने के लिए वन्यजीव विभाग से अनुमति मिल चुकी है। साथ ही रोपवे निर्माण का कार्य भी जल्द ही शुरू किया जाएगा, जिससे भीमाशंकर आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए यात्रा आसान होगी।शेकरू संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। 2021 में अभयारण्य में 1800 शेकरू थे, जो अब बढ़कर 2340 हो गए हैं। वन्यजीव विभाग के प्रयासों से इनकी संख्या बढ़ी है। हाल ही में आयोजित पूर्ण ग्रैड टूर का मस्कॉट भी शेकरू था, जिससे इस प्रजाति की लोकप्रियता और संरक्षण को बढ़ावा मिला है।इसके अलावा, कुंभ मेले से पहले भीमाशंकर आने वाले प्रमुख मार्गों का सुधार कार्य किया जाएगा। इसमें तळेगाव टोलनाक्यापासून भीमाशंकर तक का मार्ग, चाकण-राजगुरुनगर-मंचर-घोडेगाव मार्ग और तलेघर, शिरगाव, भोरगिरी, निगडाले सहित अन्य छोटे मार्ग शामिल हैं।मंदिर प्रशासन का लक्ष्य है कि विकास कार्य पूरे होने के बाद भाविकों की संख्या चार गुना बढ़े और भीमाशंकर क्षेत्र पर्यटन और धार्मिक दृष्टि से और अधिक समृद्ध बने।


Source: Dainik Bhaskar February 16, 2026 23:02 UTC



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