Rajya Sabha Speaker Rejects CEC Removal Motion - News Summed Up

Rajya Sabha Speaker Rejects CEC Removal Motion


Hindi NewsNationalRajya Sabha Speaker Rejects CEC Removal Motion | Parliament Newsमुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव खारिज: लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष लेकर आया था महाभियोग प्रस्ताव, 193 सांसदों ने साइन किए थेनई दिल्ली 18 घंटे पहलेकॉपी लिंकलोकसभा स्पीकर ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने का महाभियोग प्रस्ताव खारिज कर दिया है। इस प्रस्ताव पर 12 मार्च को 193 विपक्षी सांसदों (लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63) ने साइन किए थे।कानूनी और संवैधानिक पहलुओं पर विचार के बाद स्पीकर बिरला और राधाकृष्णन ने इसे न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 की धारा 3 के तहत मंजूरी नहीं दी। इस फैसले के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी, जब तक नए सिरे से संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप पहल न की जाए।लोकसभा सचिवालय की तरफ से जारी लेटर।राज्यसभा सचिवालय की तरफ से जारी लेटर।नियम के अनुसार 100 सांसदों के दस्तखत जरूरीयह नोटिस INDIA गठबंधन के सभी दलों के सांसदों ने मिलकर साइन किया था। यह पहली बार है जब मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए ऐसा नोटिस दिया जा रहा है।राज्यसभा में इसके लिए कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। वहीं लोकसभा में CEC को हटाने के प्रस्ताव के लिए कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं।विपक्ष का आरोप-SIR केंद्र सरकार को फायदा पहुंचाने के लिएविपक्ष का आरोप है कि CEC कई मौकों पर सत्तारूढ़ भाजपा को फायदा पहुंचाने में मदद कर रहे हैं, खासकर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) नाम की मतदाता सूची की समीक्षा प्रक्रिया को लेकर। विपक्ष का कहना है कि यह प्रक्रिया केंद्र की सरकार को फायदा पहुंचाने के लिए की जा रही है।विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में इस प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग असली मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा रहा है।कानून के अनुसार प्रस्ताव मंजूर होने पर ही जांच समितिमुख्य चुनाव आयुक्त को उसी तरीके से हटाया जा सकता है जैसे सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जाता है। अन्य चुनाव आयुक्तों को हटाने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिश जरूरी होती है।जजेज़ (इन्क्वायरी) एक्ट 1968 के अनुसार, अगर दोनों सदनों में एक ही दिन नोटिस दिया जाता है, तो जांच समिति तभी बनेगी जब दोनों सदनों में प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाएगा। इसके बाद लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा चेयरमैन मिलकर एक संयुक्त जांच समिति बनाएंगे।--------------------------ये खबर भी पढ़ें…दिल्ली विधानसभा का बैरियर तोड़कर घुसी कार:नकाबपोश ड्राइवर समेत 3 हिरासत में, कार भी बरामददिल्ली विधानसभा कैंपस में सोमवार दोपहर को सुरक्षा में चूक हुई। दोपहर करीब 2 बजे यूपी नंबर की कार वीआईपी एंट्री वाला गेट नंबर-2 की बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर घुसी। कार ड्राइवर ने नकाब पहना हुआ था। ये खबर भी पढें….


Source: Dainik Bhaskar April 07, 2026 02:55 UTC



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