जवाब - जकात की नियत से जो कुछ भी दिया है उतनी जकात अदा हो जायेगी।सवाल - ऐतिकाफ करने वाले के लिए अच्छी बातें क्या-क्या हैं? जवाब - खुदावंद-ए-आलम शब-ए-कद्र में अपने बंदों के लिए हज का फैसला करता है कि किस बंदे के भाग्य में हज करना तय है।सवाल - अगर कोई व्यक्ति बीमार है और वह जोहर से पहले ठीक हो जाए, तो क्या वह रोजा रख सकता है? जवाब - अगर उस व्यक्ति ने कोई ऐसा काम नहीं किया है जिससे रोजा बातिल होता हो, तो वह नियत करके रोजा रख सकता है।सवाल - क्या यात्री भी ऐतिकाफ कर सकता है? जवाब - ऐतिकाफ उन दिनों या उस जगह पर किया जा सकता है जब रोजा रखना सही हो।सवाल - क्या मां-बाप के कजा रोजे रखना या रखवाना औलाद पर वाजिब है? जवाब - माता-पिता की कजा नमाज और रोजे रखना बड़े बेटे पर वाजिब है। वह चाहे तो खुद रखे या फिर पैसे देकर किसी और से रखवाए।
Source: Dainik Jagran March 10, 2026 20:51 UTC