Satna News: वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान वाइल्ड लाइफ ट्रैप-2 के तहत गश्ती दल ने एक तेंदुए को शिकारियों के चंगुल से बचा लिया। डॉग स्क्वॉड की मदद से महज कुछ घंटों में आरोपी तक पहुंचकर उसे गिरफ्तार भी कर लिया गया। शिकार की कोशिश की सूचना मिलते ही डीएफओ मयंक चांदीवाल और एसडीओ अभिषेक तिवारी भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और तेंदुआ को बचाने के लिए मुकुंदपुर जू सेंटर के पशु चिकित्सक नीतिन गुप्ता और उनकी रेस्क्यू टीम को बुलाया।गले में फंसा था फंदा, रेस्क्यू कर छोड़ा जंगल:---रेंजर सचिन नामदेव ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुशला बीट से लगे बोदाहार गांव के खेत में एक तेंदुआ बाड़ी में फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही गश्ती टीम मौके पर पहुंची। निरीक्षण में पाया गया कि तेंदुआ क्लच वायर के फंदे में फंसकर छटपटा रहा था। उसके कमर में फंदा लगा हुआ था लेकिन कसा न होने से वह निकलने की कोशिश कर रहा था। डीएफओ के निर्देशन में शाम करीब 4 बजे रेस्क्यू टीम डॉग स्क्वॉड के साथ घटनास्थल पर पहुंची। विशेषज्ञों ने तेंदुए को ट्रैंक्युलाइज कर उसका मेडिकल परीक्षण किया। जांच में तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से परसमनिया के घने जंगल में छोड़ दिया गया।डॉग स्क्वॉड ने खोला राज:-----रेस्क्यू के बाद डॉग स्क्वॉड ने मौके से बरामद क्लच वायर को खोजी कुत्ते से सूंघाया। डॉग करीब दो किलोमीटर तक पीछा करते हुए खोह गांव पहुंचा और सीधे एक घर में घुस गया। पूछताछ में पता चला कि मकान विनोद कुमार रावत पिता राममिलन रावत का है। संदेह के आधार पर पूछताछ में विनोद कुमार रावत ने तेंदुए को फंसाने की बात स्वीकार कर ली। वन विभाग ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। रविवार को उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। आरोपी को पकडऩे में परिक्षेत्र सहायक बृजमोहन रावत, भारत सिंह नागर, इंदल सिंह श्याम, महेश प्रजापति, ध्रुव धाकड़, दीपक सिंह, शंकर यादव, शहादत हुसैन आदि शामिल रहे।
Source: Dainik Bhaskar February 15, 2026 10:19 UTC