[ ईटी ब्यूरो | मुंबई ]देश की दिग्गज दवा कंपनी ल्यूपिन और सिप्ला दोनों के नेट प्रॉफिट में गिरावट आई है। इनका परफॉर्मेंस फार्मा सेक्टर की ग्रोथ में सुस्ती और रेगुलेटरी चिंताओं के चलते कमजोर रहा है। दिसंबर क्वॉर्टर में सिप्ला का नेट प्रॉफिट 17% घटकर 332.5 करोड़ रुपये रह गया जो सालभर पहले 400.5 करोड़ रुपये था। एक दवा को लेकर चल रहे मुकदमे की वजह से ल्यूपिन को 152 करोड़ रुपये का लॉस हुआ है।दिसंबर क्वॉर्टर में ल्यूपिन का सेल्स रेवेन्यू 22% बढ़कर 3092 करोड़ रुपये हो गया जबकि सिप्ला क्वॉर्टरली रेवेन्यू पिछले साल के 3,834 करोड़ से बढ़कर 3,906 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि प्रॉफिट में गिरावट आने के बावजूद दोनों कंपनियां अपने फ्यूचर प्रॉस्पेक्ट्स को लेकर काफी आशावादी नजर आईं। ल्यूपिन के एमडी नीलेश गुप्ता ने कहा, 'हमें अमेरिका में ग्रोथ हासिल होने लगी है। अमेरिका में बना ग्रोथ मोमेंटम अगले क्वॉर्टर में जारी रह सकता है। हम कई बड़े प्रॉडक्ट्स की लॉन्चिंग करने वाले हैं।'ल्यूपिन ने अपने ऊपर लगे जुर्माने को जनरल कोर्ट ऑफ यूरोपियन यूनियन की तरफ से सही करार दिए जाने के बाद 28 लाख यूरो (222.7 करोड़ रुपये) के ब्याज सहित 4.28 करोड़ यूरो (3,422.2 करोड़ रुपये) का प्रोविजन किया है। ल्यूपिन पेरिंडोप्रिल ड्रग से जुड़े मुकदमे में यूरोपियन कमीशन (EC) की तरफ से 2014 में जारी आदेश के खिलाफ दाखिल अपील हार गई है है।ब्रोकरेज फर्म शेयर खान की एनालिस्ट पूर्वी शाह ने कहा, 'हमने स्टॉक की रेटिंग घटाते हुए उसका टारगेट प्राइस कम कर दिया है। उसकी एक अहम मैन्युफैक्चरिंग साइट के लिए अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर ने वॉर्निंग लेटर जारी किया है। कंपनी के स्टॉक पर उसका असर नियर टर्म में बना रह सकता है।' बुधवार को ल्यूपिन का स्टॉक मामूली बढ़त के साथ 841 रुपये पर रहा जबकि सिप्ला 3.75% की मजबूती के साथ 528 रुपये पर बंद हुआ।ग्लेनमार्क ने किया चीन की ग्रैंडफार्मा से करारदेश की दिग्गज दवा कंपनी ग्लेनमार्क ने चीन में अपनी एक दवा को बेचने के लिए वहां की फार्मा कंपनी ग्रैंडफार्मा से एक्सक्लूसिव लाइसेंस एग्रीमेंट किया है। कंपनी इस एग्रीमेंट के जरिए चीन में इनवेस्टिगेशनल सीजनल एलर्जिक रायनिटिस नेजल स्प्रे रायल्ट्रिस बेचेगी। ग्रैंडफार्मा ग्लेनमार्क की इस दवा के लिए चीन में रेगुलेटरी फाइलिंग और कमर्शियलाइजेशन का काम संभालेगी। ग्लेनमार्क फार्मा की तरफ से ग्रैंडफार्मा रेगुलेटरी फाइलिंग और अप्रूवल का काम करेगी। इंडियन कंपनी को करार में एकमुश्त रकम के साथ ही कमर्शियल माइलस्टोन पेमेंट और रॉयल्टी मिलेगी। ग्लेनमार्क ने हालांकि यह नहीं बताया है कि उसे ग्रैंडफार्मा से कितनी रकम मिलेगी।
Source: Navbharat Times February 07, 2019 03:30 UTC