जिन्दगी में कभी-कभी ऐसी मजबूरी भी आती है कि हर निर्णय से हार कर एक आखिरी निर्णय होता है आत्महत्या का, एक मां की कुछ ऐसी ही विवशता के बीच बुनी गई ये कहानी है... आंखों में गंगा-यमुना की धारा ने एक माँ के ममत्व को विवशता का शिकार बना दिया. चिंटू की मां घर में आई और देखा कि तीनों आपस में ही सहमे हुए हैं. इसे भी पढ़ें: बच्चे भगवान का रुप होते हैंरात के अंधेरे में पूरा गाँव सन्नाटे में था बस कुत्ते और सियार के रोने की आवाज चिंटू की मां तक आ रहीं थीं. सभी ने उस कंपनी वाले को चिंटू की मां के बारे में बताया .
Source: Dainik Jagran September 19, 2023 11:06 UTC