वाराणसी (ब्यूरो)। शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में स्कूल चलो अभियान के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्टाल का निरीक्षण कर शिक्षा क्षेत्र में काशी व प्रदेश की उपलब्धियों को देखा। बच्चों ने विज्ञान, साहित्य, कला व नवाचारों का प्रदर्शन किया, जिसमें इसरो भ्रमण कर चुके छात्र भी शामिल रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा बच्चों में आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की भावना विकसित हो रही है। मुख्यमंत्री ने &शैक्षिक नवाचार एवं उपलब्धियां&य पुस्तिका का विमोचन किया। स्टालों का अवलोकन करते हुए छात्रों से संवाद किया और उनके प्रयासों की सराहना की. कंपोजिट विद्यालय सुल्तानपुर की छात्राएं तनु और मिष्टी से मुख्यमंत्री ने बातचीत की। उम्र पूछने पर दोनों ने अपनी आयु चार वर्ष बताई और बताया कि वे बालवाटिका में अध्ययनरत हैं। उनकी सहजता और आत्मविश्वास से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने उन्हें शाबाशी दी। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने अंशिका और अंतिका से उनके स्टाल के विषय के बारे में पूछा। छात्राओं ने बताया कि उनका स्टाल पर्यावरण सुरक्षा पर आधारित है, जिसमें उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के उपायों को प्रदर्शित किया है। एक अन्य स्टाल पर मुख्यमंत्री ने ऋषिवा कुमारी मौर्या से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि यह रिटेल स्टाल है, जिसमें जरूरतमंदों के लिए आवश्यक सामान की बिक्री की प्रक्रिया को दर्शाया गया है। छात्रा ने सरल भाषा में पूरे माडल को समझाया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की।शिक्षा सुधार से बदली परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर : संदीप सिंहबेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि 2017 के बाद से परिषदीय विद्यालयों में व्यापक सुधार हुआ है। 19 मानकों पर 97 प्रतिशत तक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गईं। 646 कस्तूरबा बालिका विद्यालयों को कक्षा 12 तक विस्तारित किया जाएगा और हर ब्लाक में एक विद्यालय स्थापित होगा। उन्होंने समाज से अपील की कि 6 से 14 वर्ष के हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने में सहयोग करें. गरीब बच्चों के जीवन में बदलाव लाने को प्रतिबद्ध सरकार : अनिल राजभरमंत्री अनिल राजभर ने कहा कि पहले छात्रों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलती थीं, लेकिन अब बेंच, बेहतर स्कूल और अवसर उपलब्ध हैं। अटल आवासीय विद्यालय के 38 बच्चों को हवाई जहाज से इसरो ले जाया गया और पांच सितारा होटल में ठहराया गया। यह बदलाव दर्शाता है कि मजदूरों के बच्चों के सपने अब साकार हो रहे हैं. स्कूल चलो अभियान में शिक्षा व तकनीक पर जोर : रवींद्र जायसवालमंत्री रवींद्र जायसवाल ने कहा कि पहले विद्यालयों की स्थिति बेहद खराब थी, दरवाजे तक नहीं थे और बच्चे अनुपस्थित रहते थे। अब शिक्षा के साथ तकनीक और खेल पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इंटर कालेजों में सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं और छात्राओं को स्कूटी देने की योजना भी जल्द लागू होगी।
Source: Dainik Jagran April 04, 2026 19:48 UTC