एनबीटी न्यूज, फरीदाबादजिले में काम कर रहे एनएचएम के लिए 650 कर्मचारियों ने मंगलवार से दो दिन की हड़ताल शुरू कर दी है, लेकिन अगर सरकार ने कर्मचारियों की मांगें नहीं मानीं तो हड़ताल अनिश्चितकालीन तक चल सकती है। हड़ताल के चलते जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर काफी असर दिखाई दिया। बीके अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं चलती रहीं, लेकिन जिले भर में बने स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाएं बाधित रहीं। कई स्वास्थ्य केंद्रों पर ताले भी लगे हुए भी मिले।ऐम्बुलेंस सेवा ने किया परेशानहड़ताल के चलते ऐम्बुलेंस सेवा काफी प्रभावित रही। एनएचएम के किसी कर्मचारी ने ऐम्बुलेंस नहीं चलाई। अधिकतर ऐम्बुलेंस बीके अस्पताल में ही खड़ी रहीं। ऐसे में मरीजों को अपने प्राइवेट वाहनों पर ही निर्भर रहना पड़ा। गांव बुढ़ैना के एक मरीज को एक्सिडेंट के चलते अस्पताल में लगाया गया था। ऐम्बुलेंस सेवा बंद होने के चलते शुरुआती इलाज के बाद लोग मरीज को चारपाई पर लिटाकर निजी वाहन में दूसरे अस्पताल लेकर गए। इसी तरह कई मरीज स्ट्रैचर पर लेटे-लेटे ऐम्बुलेंस का इंतजार करता रहा।स्वास्थ्य केंद्रों पर नहीं कराई गई एक भी डिलिवरीजिले में लगभग 44 स्वास्थ्य केंद्र बने हुए हैं। आधे से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हड़ताल के चलते काम पूरी तरह से बंद रहा। सेक्टर 3 स्थित फर्स्ट रेफर यूनिट में ओपीडी व मेडिकल ऑफिसर के कमरों पर ताला लगा दिखाई दिया। यहां लगभग 43 एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर थे, जिसक चलते यहां पर एक भी डिलिवरी नहीं हुई। वहीं ओपीडी में भी मरीजों को नहीं देखा गया। जो एक-दो मरीज आ रहे थे, उन्हें हड़ताल का हवाला देकर वापस भेज दिया गया। इसी तरह डबुआ कॉलनी स्थित अर्बन हेल्थ सेंटर, सारन स्थित हेल्थ सेंटर, एसी नगर स्वास्थ केंद्र आदि पर भी ताले लगे हुए दिखाई दिए। यहां पर एक- दो मरीज आ रहे थे, लेकिन ताला लगा हुआ देखकर वापस जा रहे थे।कुछ जगहों पर जारी रहा कामहड़ताल के चलते कुछ स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ सेवाएं जारी रखी गईं। मेडिकल ऑफिसरों ने स्टाफ को एडजेस्ट कर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देना जारी रखा। तिगांव स्थित स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनमोल के अनुसार, उनके यहां 12 में से 11 एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर थे। ऐसे में फिल्ड के स्टाफ को बुलाकर काम कराया गया। ओपीडी को चालू रखा गया और दोपहर तक 50 से अधिक मरीजों को देखा गया। दवा देने व जन्म मुत्यु रजिस्ट्रेशन का काम भी जारी रहा। मुजेसर स्थित स्वस्थ्य केंद्र में भी लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं नियमित रुप से दी जाती रही। डॉ मिनाक्षी ने बताया कि हमने यहां केवल 7 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। ओपीडी के साथ अन्य सभी स्वास्थ्य सेवाएं जारी रही। दोपहर 2 बजे तक 80 मरीजों की ओपीडी हो चुकी थी।कर्मचारियों ने दिया धरनाएनएचएम कर्मचारियों ने बीके अस्पताल परिसर में धरना दिया। एनएचएम असोसिएशन के जिला प्रधान धर्वेंद्र सिंह ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर हमने दो दिन की हड़ताल शुरू की है। सरकार से जवाब न मिलने पर हड़ताल को अनिश्चितकाल तक बढ़ा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बुधवार को स्वास्थ्य केंद्रों पर टीके लगाए जाते हैं। हड़ताल के चलते टीकाकरण का काम प्रभावित होगा।सेवाएं प्रभावित न होने का दावासिविल सर्जन डॉ. गुलशन अरोड़ा ने कहा कि ऐम्बुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल के बाद हमने 6 स्थाई कर्मचारियों की ड्यूटी ऐम्बुलेंस सेवा पर लगा दी है। वहीं, 6 प्राइवेट ऐम्बुलेंस का भी इंतजाम कर लिया है। ऐम्बुलेंस के लिए बने कॉल सेंटर में भी एक कर्मचारी नियुक्त कर दिया है। जरूरत पड़ने पर ड्राइवर हायर भी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अधिकतर स्वास्थ्य केंद्रों पर एनएचएम के कर्मचारी तैनात हैं, इसलिए वहां दिक्कतें हो रही हैं। हमारा प्रयास है कि जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर 24 घंटे की सुविधा उपलब्ध है, वहां लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं नियमित रूप से मिलती रहें।
Source: Navbharat Times February 06, 2019 02:26 UTC