Hindi NewsLocalRajasthanJaipurTonkIn The Bounty Chit And Money Operator Scheme, The People Of Deoli City Got Crores Of Rupees Trapped In This Company, The Then Branch Manager Of The Chit Fund Company Was Absconding For Nine Years. इनामी चिटफंड स्कीम से करोड़ों रुपए हड़पे थे: नौ साल से फरार फरार चल रहा था चिटफंड कंपनी का तत्कालीन शाखा प्रबंधकटोंक 19 घंटे पहलेकॉपी लिंकदेवली पुलिस की गिरफ्त में चिटफंड कंपनी का मालिक।देवली शहर में चिटफंड कंपनी कार्यालय खोलकर इनामी चिट व धन परिचालक स्कीम से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में नौ साल से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को उसे मालपुरा कोर्ट केम्प में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया।थानाधिकारी रामनारायण ने बताया कि शहर में 10-12 सालों पूर्व मिताशी नाम से चिटफंड कंपनी ने कार्यालय खोलकर इनामी चिट व धन परिचालक स्कीम चलाई गई थी। जिसमें धोखाधड़ी से राशि जमाकर कंपनी संचालक एवं कार्यालय स्टाफ फरार हो गया था। इसमें देवली शहर के कई लोगों के करोड़ों रुपए फंस गए थे। इस मामले में लोगों ने नौ साल पहले केस दर्ज कराया था।इसमें शहर की शाखा के प्रबंधक धर्मपाल जाट समेत अन्यों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। ये तब से ही फरार चल रहे थे। एसपी ओमप्रकाश के आदेशानुसार एएसपी मालपुरा राकेश कुमार बैरवा, देवली डीएसपी दीपक कुमार, देवली थानाधिकारी रामनारायण के निर्देशन में आरोपियों की धड़पकड़ के लिए थाने के सहायक उप निरीक्षक राजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई।टीम ने आरोपी धर्मपाल पुत्र हीरा लाल जाट (35) निवासी ढेवा की ढाणी थाना उदयपुरवाटी जिला झुन्झूनू हाल मकान नम्बर 76 श्रीकृष्णा इनकल्वे मन्दसोर रोड थाना सावेर जिला इंदौर (मध्यप्रदेश) को शहर के समीप दोलता मोड़ से शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया था। जिसे शनिवार को मालपुरा कोर्ट केम्प न्यायालय में पेश किया गया।न्यायिक के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार मिताशी ईनामी चिट व धन परिचालक कंपनी के संचालक,शाखा प्रबंधक समेत आधा दर्जन लोगों के खिलाफ 9 वर्ष पूर्व मामला दर्ज हुआ था।जिसमें चिटफंड कंपनी के शाखा प्रभारी को पुलिस ने पकड़ा है।अपराधिक मामला दर्ज हो सकता है:अभी संचालक एवं अन्य आरोपियों के खिलाफ भी न्यायालय से स्थायी वारंट जारी है फिलहाल अन्य आरोपी पुलिस पकड़ से दूर हैं। जिनके खिलाफ अन्य थाना क्षेत्रों में भी आपराधिक प्रकरण दर्ज हो सकते हैं।
Source: Dainik Bhaskar June 12, 2021 15:00 UTC