कोरोना के चलते पेट्स इंडस्ट्री में बूम, लोगों के 'पेट पैरेंट' बनने से 50 फीसदी तक बढ़ी मांग - News Summed Up

कोरोना के चलते पेट्स इंडस्ट्री में बूम, लोगों के 'पेट पैरेंट' बनने से 50 फीसदी तक बढ़ी मांग


नई दिल्लीएक ओर कोरोना वायरस की वजह से अधिकतर इंडस्ट्रीज ने नुकसान उठाया है, वहीं लॉकडाउन खुलने के बाद भी अधिकतर इंडस्ट्रीज का रिकवरी रेट कुछ खास नहीं दिख रहा है। इस बीच पेट यानी पालतू जानवर बेचने वाले इंडस्ट्री में तगड़ा उछाल (Pets demand increased during coronavirus time) देखने को मिला है। बहुत सारे लोगों ने घर में बैठे-बैठे एक पालतू जानवर रखने की भी सोच ली है, जिसके चलते पेट इंडस्ट्री में तगड़ा बूम देखने को मिल रहा है। दरअसल, ये सब इसलिए हो रहा है क्योंकि लोग पेट पैरेंट बन रहे हैं।50 फीसदी तक बढ़ी मांग तेगा कैनल के मालिकक डॉक्टर हर्षदीप सिंह तेगा बताते हैं कि लॉकडाउन खुलने के बाद पेट्स की मांग तेजी से बढ़ी है। वह पहले जितने पेट्स बेचा करते थे, उसमें करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। एस्ट्रो कैनल की हेड नैन्सी कक्कड़ बताती हैं कि लॉकडाउन की वजह से बहुत सारे कुत्ते तो बड़े हो गए थे, जिन्हें लोगों को मुफ्त में ही देना पड़ा, लेकिन अब सब नॉर्मल हो रहा है। अब लोग पेट पैरेंट बनना चाह रहे हैं और भारतीय समेत विदेशी ब्रीड के कुत्ते पाल रहे हैं।क्यों पेट पैरेंट बन रहे हैं लोग? लॉकडाउन के दौरान लोग पेट पैरेंट बन रहे हैं, क्योंकि उन्हें अपने बच्चों की सेहत का बहुत अधिक ख्याल है। हर्षदीप के अनुसार लॉकडाउन में बच्चे बाहर नहीं जा पा रहे थे और अभी भी लगभग वैसा ही माहौल है, ऐसे में बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी नहीं हो पा रही है। इसकी वजह से बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। इस वजह से पैरेंट्स पेट्स ले रहे हैं, जिससे उनके बच्चे पेट्स के साथ खेलते-कूदते रहें, ताकि उनका स्वास्थ्य भी बना रहे और घर में बंद होने का तनाव भी उनसे दूर रहे।


Source: Navbharat Times July 24, 2020 04:07 UTC



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