जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। जिले के सदर तहसील में संपूर्ण समाधान के दौरान जिलाधिकारी से मिलकर अपनी फरियाद सुनाने पहुंचे फरियादी पूरे दिन टकटकी आंखों की गेट की तरफ राह ताकते रह गए। जिलाधिकारी सदर तहसील में प्रस्तावित संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता करने नहीं पहुंची। इसके कारण थक हार कर लेागों को खाली हाथ लौटना पड़ा। इस मामले में जिलाधिकारी मेधा रूपम से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।फरियादी एक दोपहर करीब 12.40 बजे जेवर के खलीफान मोहल्ला निवासी बलदेव अपनी शिकायत लेकर सदर तहसील पहुंचे। वह करीब 20 साल से धार्मिक स्थल से अवैध कब्जा हटाने व गांव के लोगों के लिए रास्ते की लड़ाई लड़ रहे हैँ। उनका कहना है कि जिले की अदालत में उन्हें इंसाफ मिला, अवैध निर्माण तोड़ने के आदेश हुए, लेकिन मामला हाइकोर्ट में पहुंच गया।वहां फिलहाल मामला लंबित है, बावजूद इसके मौके पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। तीन दिन पहले डीएम से मुलाकात हुई तो उन्होंने तहसील दिवस में बुलाया। शनिवार को तहसील दिवस में शिकायत लेकर डीएम से मिलने पहुंचे और पूरे दिन राह ताकते रहे, लेकिन डीएम से मुुलाकात नहीं हो सकी।फरियादी दो इसी तरह से दोपहर करीब 1.30 बजे दनकौर के ठसराना गांव निवासी रामस्वरूप उर्फ सीताराम रियल टाइम खतौनी में अपना नाम शुद्धिकरण के मामले में शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन डीएम से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। पूरे दिन इंतजार करने के बाद वह एसडीएम सदर को अपना शिकायत सौंप कर इंसाफ मांगी। रामस्वरूप का कहना है कि 1995 में उनका नाम खतौनी में गलत दर्ज हो गया। इसे सुधारने के लिए वह लगातार चक्कर काट रहे हैं, इसे ठीक नहीं किया जा रहा है।
Source: Dainik Jagran April 05, 2026 05:41 UTC