नदियों में पहुंच रहा शहरों का 60 फीसद गंदा पानी, एनजीटी ने जताई गंभीर चिंताशहरी भारत के मलजल का 60 फीसद से ज्यादा हिस्सा नदियों जैसे जल निकायों में जाता है। इससे प्रदूषण पैदा होता है और पानी मनुष्य के उपभोग के लायक नहीं रह जाता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने यह कहा है।ग्रीन पैनल ने कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है कि पर्यावरण नियमों का पालन संतोषजनक नहीं है। इसका परिणाम बड़े पैमाने पर मौतें और बीमारियां व हवा, पानी और धरती की गंभीर क्षति है।ट्रिब्यूनल ने एक दिन पहले सोमवार को वी. मणिकम की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। याची ने तमिलनाडु में उद्योगों द्वारा कचरा और पालिका मलजल प्रवाहित किए जाने से थिरुमाणिमुथार नदी में प्रदूषण होने का आरोप लगाया है।ट्रिब्यूनल ने सलेम महापालिका को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास 25 लाख रुपये अंतरिम मुआवजा जमा कराने का निर्देश दिया। पर्यावरण को पहुंची क्षति के एवज में यह राशि एक महीने के भीतर जमा करानी होगी।Posted By: Arun Kumar Singh
Source: Dainik Jagran February 05, 2019 18:00 UTC