पंजाब के बरनाला जिले के धनौला थाना में एक विवादित घटना सामने आई है, जिसमें एक परिवार ने पुलिस पर थाने के अंदर मारपीट, बदसलूकी और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। मामला कालेका गांव की जमीन विवाद से जुड़ा है। पीड़ित नौजवान हरप्रीत सिंह और उनकी मां जसविंदर कौर का कहना है कि थानाध्यक्ष लखबीर सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें नंगा करके पीटा और सफेद कागजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया। इसके साथ ही उन्हें नशे के मामले में फंसाने और फेक एनकाउंटर की धमकियां भी दी गईं।हरप्रीत की मां ने बताया कि विवाद जमीन की माप को लेकर शुरू हुआ था और पुलिस ने महिलाओं की मौजूदगी में नौजवान को गले से पकड़कर पीटा। परिवार को डर के कारण स्थानीय अस्पताल भी नहीं जाने दिया गया। 70 साल की बुजुर्ग हरदीप कौर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके बच्चों के कपड़े फाड़ दिए और मोबाइल फोन भी छीन लिए।बरनाला डीसीपी सतबीर सिंह ने इस मामले में कहा कि घटना जमीन विवाद से जुड़ी थी। उन्होंने बताया कि हरप्रीत सिंह थाने में तैश में आ गया और थानाध्यक्ष की वर्दी फाड़ दी। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और हरप्रीत को गिरफ्तार किया। मेडिकल जांच में कोई चोट नहीं पाई गई और अदालत में भी मारपीट या टॉर्चर का कोई शिकायत नहीं की गई।अदालत ने आरोपी पक्ष द्वारा दोबारा मेडिकल कराने की अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद हरप्रीत ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में रिट पिटीशन दायर की, जिसे 29 जनवरी 2026 को खारिज कर दिया गया। डीसीपी ने कहा कि हरप्रीत द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। मामले की तफ्तीश जारी है और जल्द ही अदालत में चालान पेश किया जाएगा।
Source: Dainik Bhaskar March 30, 2026 18:33 UTC