मुरैना में डबल मर्डर में खुलासा: एक ही खेत पर टिकी थी दोनों भाइयों की नजर, मनमाने तरीके से खेत जोतने पर कई बार झगड़ा भी हुआ - News Summed Up

मुरैना में डबल मर्डर में खुलासा: एक ही खेत पर टिकी थी दोनों भाइयों की नजर, मनमाने तरीके से खेत जोतने पर कई बार झगड़ा भी हुआ


Hindi NewsLocalMpGwaliorMorenaThere Was No Division Of Government Land Between Ramlakhan And Rajman, The Same Fields That Ramlakhan Wanted, Rajman And His Sonsमुरैना में डबल मर्डर में खुलासा: एक ही खेत पर टिकी थी दोनों भाइयों की नजर, मनमाने तरीके से खेत जोतने पर कई बार झगड़ा भी हुआमुरैना 8 घंटे पहले लेखक: रतन मिश्राकॉपी लिंकवीडियोपिता-पुत्र दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।जिले से करीब 30 किलोमीटर दूर विंडवा क्वारी गांव में हुए खूनी संघर्ष की नींव पहले ही पड़ चुकी थी। दोनों भाइयों के बीच खेतों का सरकारी बंटवारा नहीं हुआ था। इस कारण आए दिन झगड़ा होता रहता था। पिता गर सिंह की मौत के बाद जब सरकारी बंटवारे की बात चली, तो दोनों उन्हीं खेतों को चाह रहे थे, जो अच्छी भूमि पर थे। लिहाजा, बात नहीं बनी। दोनों भाइयों के बेटे मनमाने तरीके से खेत जोतने लगे। इसी बात काे लेकर खेत का कुआं भी दो साल से बंद पड़ा है।शनिवार को दो भाइयों के बीच हुए खूनी संघर्ष में राजमन गुर्जर और उसके बेटे राधे गुर्जर की हत्या कर दी गई। वारदात को उसी के भाई और भतीजों ने अंजाम दिया था। पहले आरोपियों ने घर आकर सरियों से मारा, फिर बंदूक से गोली मारी। वारदात में दो लोग घायल हो गए, जिन्हें ग्वालियर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।बता दें, गर सिंह गुर्जर के दो बेटे थे। बड़े बेटा रामलखन गुर्जर व छोटे बेटा राजमन गुर्जर था। रामलखन के भी 3 बेटे हैं। सबसे बड़ा लक्ष्मण, उससे छोटा जयराम व सबसे छोटा ध्रुव। वहीं, राजमन के चार बेटे थे। सबसे बड़ा राधे, उससे छोटा विष्णु, तीसरे नंबर का रामहरी और चौथा एंदल। इनमें राधे की मौत हो चुकी है। गर सिंह गुर्जर के पास करीब 100 बीघा जमीन थी।गरसिंह की मौत के बाद दोनों भाइयों में जमीन का बंटवारा होना था। समस्या यह थी, कुछ जमीन अच्छी थी और बाकी की जमीन बीहड़ की खराब थी। राजमन अच्छी जमीन चाहता था, जबकि रामलखन उसे वह जमीन नहीं देना चाह रहा था। इसी बात पर दोनों भाइयों में मनमुटाव था।घर के इसी आंगन में दोनों को मारा था।अलग घर में रहने लगे थे रामलखनपहले दोनों भाई रामलखन व राजमन एक ही घर में रहते थे। जमीन-जायदाद के मनमुटाव की वजह से रामलखन ने खेत में दूसरा घर बना लिया था।भाई-भतीजों ने मिलकर मारा ताऊ कोकुछ माह पहले पिछले साल 2020 में इसी के चलते राजमन व उसके बेटों ने रामलखन पर हमला कर दिया था। हमले में उनके हाथ-पैर तोड़ दिए थे। रामलखन मरणासन्न हो गए थे। बाद में ठीक हुए, लेकिन कोरोना की चपेट में आकर मौत हो गई। इस बात से रामलखन के तीनों बेटे लक्ष्मण, जयराम व ध्रुव आहत हुए।रामलखन का पूरा मकान, जिसमें रहा करते थे।हाथ व पैरों में मारी गोलियां, कहा- इन्हीं हाथों से मारा था पिता कोलोगों ने बताया कि सुबह रामलखन के तीनों बेटों ने राजमन व उसके बेटों को सोते में ही हमला कर दिया था। राजमन व राधे कूलर के सामने सो रहे थे। सबसे पहले कूलर में लात मारी, जिससे वह गिर पड़ा। उसके बाद दरवाजा खोलकर उन्हें बाहर निकाला। पहले उनको लाठी-डंडों व सरिया से मारा। उसके बाद यह कहते हुए उनके हाथों में गोलियां मारीं कि इन्हीं हाथों से उन्होंने पिता को मारा था। बदले की भावना इतनी तीव्र थी कि देखने वाले भी घबरा गए। डर की वजह से कोई पड़ोसी भी बीच-बचाव करने नहीं आया।मौके पर मौजूद गांव के शोकाकुल लोग।पिता-पुत्र दोनों का एक ही चिता में अंतिम संस्कारविंडवा क्वारी गांव में दोनों पिता पुत्र राजमन व राधे का अंतिम संस्कार किया गया। दोनों पिता पुत्र का घर के बगल में बने खेत में अंतिम संस्कार किया गया। दोनों पिता पुत्र को एक ही चिता पर लिटाया गया था। लोग कह रहे थे कि दो भाइयों के बीच यह कैसी दुश्मनी, जिसमें आज पिता-पुत्र की चिता चल रही हैं।राजमन के घर के बाहर वाहनों की कतार।घर में मचा कोहरामपिता-पुत्र की मौत के बाद घर में कोहराम मचा था। रिश्तेदारों की महिलाएं रोती हुई आ रही थीं। एक महिला बेसुध थी। उसे एक व्यक्ति गोदी में उठाकर लाया था। दरवाजे पर सैकड़ों लोग शांत बैठे थे। पुलिस वाले भी इधर-उधर खड़े थे। लोगों की जबान बंद थी ,लेकिन आंखों में इस घटना को लेकर अफसोस था। फिलहाल फरियादी के घर पुलिस का पहरा लगा दिया गया है।


Source: Dainik Bhaskar July 25, 2021 00:45 UTC



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