समाज का दोहरा रवैया: अररिया में जिस महिला की लाश को बेटी ने अकेले दफनाया, उसी के श्राद्ध भोज में पहुंच गए 150 लोग - News Summed Up

समाज का दोहरा रवैया: अररिया में जिस महिला की लाश को बेटी ने अकेले दफनाया, उसी के श्राद्ध भोज में पहुंच गए 150 लोग


Hindi NewsLocalBiharBihar Coronavirus; 150 People Reached Shradh Bhoj After Her Mother And Uncle Dies Of Covid 19Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपसमाज का दोहरा रवैया: अररिया में जिस महिला की लाश को बेटी ने अकेले दफनाया, उसी के श्राद्ध भोज में पहुंच गए 150 लोगकोरोना काल में लोगों की मौत के साथ-साथ रिश्तों की भी मौत हो रही है। रिश्तों की डोर भी टूट रही है। लोगों का साथ छूट रहा है। समाज को सोचने के लिए मजबूर करने वाली एक तस्वीर अररिया जिले से आई है। मां की मौत के बाद PPE किट पहनकर बेटी ने अकेले लाश को दफनाया था। इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी। लाश उठाने में बेटी की मदद के लिए कोई नहीं आया था। लेकिन, श्राद्ध कर्म में गांव के करीब 150 लोग भोज खाने पहुंचे।भोज में संक्रमित भी पहुंचेछोटी बेटी के बिलखने का वीडियो भी वायरल हुआ था। यह तस्वीर और वीडियो अररिया में कोरोना का हॉट-स्पॉट बन चुके विशनपुर पंचायत के मधुलता निवासी ग्रामीण चिकित्सक बीरेन मेहता की बेटी की थी। कोरोना संक्रमित वीरेन की मौत के चार दिन बाद ही उनकी पत्नी प्रियंका ने भी दम तोड़ दिया था। प्रियंका की मौत के बाद गांव में कोरोना का डर ऐसा फैला कि उनकी लाश को उठाने भी कोई नहीं आया। लेकिन 10 दिनों बाद ही बीरेन और प्रियंका के श्राद्धकर्म में गांव के करीब 150 लोग भोज खाने पहुंचे। भोज में कई संक्रमित भी शामिल हुए। अभी सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, इस गांव में 35 संक्रमित है। सर्दी-खांसी के भी कई मरीज है।पंचायत का मुखिया भी संक्रमितपंचायत के मुखिया सरोज कुमार मेहता ने बताया कि मैं खुद संक्रमित हूं, लेकिन गांव वालों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहता हूं। ग्रामीणों ने बताया कि हमारे गांव में करीब 800 से 900 लोग भोज खाने आते हैं। डॉक्टर साहब और उनकी पत्नी की मौत के बाद रोते-बिलखते बच्चों को संबल देने के लिए गांव के करीब 150 लोग उनके दरवाजे पर पहुंचे थे।श्राद्धकर्म के अगले दिन ग्राउंड रिपोर्ट करने जब भास्कर की टीम मधुलता पहुंची तो पता चला कि डॉक्टर की बड़ी बेटी सोनी अपने चचेरे भाई के साथ बैंक से पैसा निकालने गई थी। हम लोगों के आने की सूचना पर वह आधे रास्ते से वापस लौट आई। गांव के उप मुखिया प्रतिनिधि लक्ष्मी पासवान ने बताया कि बीते 15 दिनों में दो ग्रामीण चिकित्सक सहित चार लोगों की मौत कोरोना से हुई है। इसके अलावे अन्य बीमारियों से ग्रसित तीन बुजर्गों की मौत भी सांस संबंधी परेशानी से हुई है।9000 वोटर वाले विशनपुर में अभी तक मात्र 200 को लगा टीका9000 वोटर वाले विशनपुर पंचायत के मुखिया सरोज ने बताया कि हम लोगों ने गांव के हर एक व्यक्ति की कोरोना जांच की मांग की है। लेकिन अभी तक मात्र 10-20 फीसदी लोगों की ही जांच हो सकी है। सभी की जांच हो और संक्रमित मिलेंगे। गांव के विनोद मेहता पूर्णिया के निजी क्लीनिक और राजेश कुमार पूर्णिया सदर अस्पताल में कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। अभी तक मात्र 200 लोगों को ही टीका लगा है। मृतक डॉक्टर दंपती की बेटी सोनी व चांदनी और बेटा नीतीश ने बताया कि हमें मां की मौत के बाद सरकार से चार लाख का चेक मिला है। पापा वाला पैसा अभी नहीं मिला है।सरकारी रिकॉर्ड में 12 हजार से अधिक मरीज, 34 की मौतमधुलता जैसा ही हाल अररिया के अन्य गांवों का भी है। लोगों में कोरोना का डर तो है, लेकिन मृत्युभोज जैसी सामाजिक कुरीतियों में अभी भी जमकर दावत उड़ाई जा रही है। सरकारी आंकड़ों में भी जमकर झूठ परोसा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 12 हजार से अधिक है। इस महामारी की चपेट में आकर 34 लोगों की मौत का दावा विभाग कर रहा है। लेकिन हकीकत में यह आंकड़ा 100 के पार है। कई मौतें ऐसी भी हैं जिनका कोई जांच ही नहीं हुआ।हरिपुर कला में दो दिन के अंदर बुजुर्ग पति-पत्नी की हुई मौतपूर्णिया सीमा से सटे जिले के भरगामा प्रखंड के हरिपुर कला पंचायत में सनंदी पासवान और उनकी पत्नी उर्मिला देवी की मौत भी क्रमशः 10 और 12 मई को हुई। जालंधर से लौटे सनंदी के पोते पिंटू पासवान ने बताया कि हमने कई कोरोना जांच के लिए CO से लेकर DM तक से बात की, लेकिन मात्र एक दिन टीम आई। जिसने 33 लोगों की जांच की, जिसमें चार पॉजिटिव मिले। मैं पंजाब से वापस आया हूं, लेकिन अभी तक जांच नहीं करा सका हूं।नेपाल सीमा से सटे गांवों में घृणा के डर से जांच से कतराते लोगनेपाल से सटे कुर्साकांटा के पलाशमणि निवासी भावेश भारती ने बताया कि हमारे तरफ भी हर गांव में दो-चार संक्रमित हैं। लोग सामाजिक बहिष्कार के डर से जांच से कतराते हैं। सिकटी में भी कमोवेश ऐसे ही हालात दिखे। फारबिसगंज में भी टेस्टिंग की रफ्तार सुस्त है। स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली इसी बात से जाहिर हो जाती है कि सदर अस्पताल में समय पर वेंटिलेटर नहीं मिलने से रानीगंज के जदयू विधायक अचमित ऋषिदेव की पत्नी मंजुला देवी की कोरोना से मौत हो गई।


Source: Dainik Bhaskar May 26, 2021 08:30 UTC



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