दिल्ली, दिल वालों का शहर है, इसे लोगों ने एक बार फिर साबित कर दिया। दिल्लीवालों ने एक बच्ची की सर्जरी में पैसे की कमी को दूर करने का बीड़ा उठाया। एनबीटी में खबर छपने के बाद दर्जनों लोग मदद के लिए आगे आए। फिलहाल ज्योति को सिर्फ 22 हजार रुपये की ही जरूरत थी, ताकि वह एम्स के प्राइवेट वॉर्ड की फीस भर सके। एनबीटी में खबर छपने के बाद दिल्ली सरकार के डॉक्टर ने ही यह फीस भर दी। अब बच्ची की 13 फरवरी को सर्जरी होगी।एनबीटी में 'इसके दर्द का इलाज है, इंतजाम भी... बस 22 हजार नहीं है' शीर्षक से बुधवार को खबर प्रकाशित की गई थी। बच्ची की पीड़ा अखबार में प्रकाशित होते ही बच्ची की मदद के लिए लोगों के दिनभर फोन आते रहे। सोशल ऐक्टिविस्ट के साथ ही नेता और डॉक्टर भी मदद के लिए आगे आए। बच्ची के पिता अर्जुन ने बताया कि कई लोगों के फोन आ चुके हैं, हर किसी ने मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि सच में दिल्ली दिल वालों का शहर है, लोगों ने जिस प्रकार एक गरीब बच्ची के लिए हाथ बढ़ाया है, इससे पूरी उम्मीद है कि अब उनकी बच्ची का पूरा इलाज हो जाएगा।बच्ची जिस बीमारी से पीड़ित है, उसमें सर्जरी के बाद उसे कुछ दिन आईसीयू में भी रहना पड़ सकता है। एम्स में प्राइवेट वॉर्ड के मरीज को इलाज का खर्च उठाना पड़ता है। ऐसे में बच्ची का आईसीयू का खर्च भी आएगा, जो उन्हें आने वाले दिनों में देना पड़ सकता है। सूत्रों की मानें तो अभी और पैसे की जरूरत हो सकती है। 13 फरवरी को सर्जरी होनी है।एम्स के ऑर्थोपेडिक विभाग के डॉक्टर इस कठिन सर्जरी को अंजाम देंगे। सर्जरी में 12 से 13 घंटे लगते हैं। इलाज में स्पाइन की हड्डी को ठीक किया जाएगा और उसके स्थान पर इंप्लांट लगा कर उसकी टेढ़ी स्पाइन सीधी की जाएगी। एम्स को इस सर्जरी में महारत हासिल है। यही वजह है कि पूरे देश से इस बीमारी के मरीज यहां पर इलाज के लिए आते हैं।
Source: Navbharat Times February 06, 2019 23:37 UTC