Hybrid Work Culture: कोरोना काल ने पैदा किया हाइब्रिड वर्क कल्चर, जानिए क्या है ये और कैसे महिलाओं को दे रहा है बड़े मौके! - News Summed Up

Hybrid Work Culture: कोरोना काल ने पैदा किया हाइब्रिड वर्क कल्चर, जानिए क्या है ये और कैसे महिलाओं को दे रहा है बड़े मौके!


क्या होता है हाइब्रिड कल्चर में? हाइब्रिड कल्चर में कुछ लोग ऑफिस से काम करते हैं और कुछ अपने घरों या रिमोट लोकेशन से। कुछ कंपनियां तो इसका दायरा और बढ़ा रही हैं और काम करने के समय में भी सहूलियत दे रही हैं। यानी आपको हर रोज सिर्फ अपनी शिफ्ट के बराबर समय तक काम करना होगा। यानी ऐसी कोई बंदिश नहीं होगी कि आप शिफ्ट के हिसाब से काम पर बैठे। मान लीजिए आपकी शिफ्ट 8 घंटे की है तो आप चाहे तो एक साथ करें, चाहे तो 2-2 घंटे कर के या चाहे तो कुछ काम सुबह कर लें और बाकी का काम शाम को। कोरोना काल में बहुत सी कंपनियों ने हाइब्रिड कल्चर अपनाया है, जिससे प्रोडक्टिविटी भी बढ़ी है और कर्मचारियों का संतुष्टि का स्तर भी बढ़ा है।कौन सी कंपनियां देंगी महिलाओं को मौका? हाइब्रिड वर्क कल्चर के तहत इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से लेकर कंज्यूमर गुड्स और यहां तक कि मैन्युफैक्चरिंग में लगी कंपनियां भी महिलाओं की भर्ती करने पर विचार कर रही हैं। इंफोसिस का प्लान है कि 2030 तक उसका लगभग 45 फीसदी वर्कफोर्स महिलाएं हों। मॉन्डलेज और पब्लिसिस सेपिएंट जैसी कंपनियां भी महिलाओं के वर्कफोर्स को 35-40 फीसदी तक करना चाहती हैं। वहीं टाटा स्टील मैन्युफैक्चरिंग में 2025 तक करीब 25 फीसदी वर्कफोर्स महिलाओं का करना चाहती है। साइमन्स, डेलॉएट और पेप्सिको जैसी कंपनियां भी महिलाओं की बड़ी मात्रा में भर्ती करने की सोच रही है।कंपनियां क्यों कर रही हैं ऐसा? एक प्रोफेशनल सर्विस फर्म एओन (Aon) ने करीब 79 कंपनियों पर एक सर्वे किया। एओन ने कहा कि कंपनियां जेंडर डायवर्सिटी रेश्यो को बेहतर करना चाहती हैं। यानी महिला और पुरुष कर्मचारियों के बीच अनुपात को बेहतर करना चाहती हैं। इस सर्वे में मल्टीनेशनल कंज्यूमर कंपनियों समेत भारत की मेटल और माइनिंग कंपनियों को भी शामिल किया गया है। आने वाले दिनों में कंपनियों में महिला कर्मचारियों की संख्या में तगड़ा इजाफा देखने को मिलेगा।अभी कितनी महिलाएं काम करती हैं कंपनियों में? इंफोसिस में मौजूदा समय में करीब 38.6 फीसदी महिलाएं हैं और कंपनी में कुल काम करने वालों की संख्या लगभग 2.50 लाख है। वहीं दूसरी ओर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस यानी टीसीएस में करीब 36.5 फीसदी महिलाएं काम करती हैं। विप्रो में अभी लगभग 35.7 फीसदी कर्मचारी महिलाएं हैं। कंपनियां इसे और अधिक बढ़ा रही हैं, जिससे महिलाओं को और अधिक मौके मिलेंगे।


Source: Navbharat Times June 30, 2021 04:07 UTC



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