जयपुर में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 1107 पहुंच गया है, वहीं 54 लोगों की मौत हो चुकीगांधी नगर स्थित राजकीय आवास और हसनपुरा स्थित लोको कॉलोनी में कोरोना कर्फ्यू लगाया गयादैनिक भास्कर May 07, 2020, 02:39 PM ISTजयपुर. शहर में गुरुवार को कोरोना पॉजिटिव के 13 नए केस सामने आए। जिसके बाद जयपुर में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 1107 पहुंच गया। वहीं एक व्यक्ति की मौत भी हो गई। जिसके बाद मौत का कुल आंकड़ा 54 पहुंच गया।जयपुर की मुहाना मंडी में 1, शास्त्री नगर-भट्टा बस्ती में 4 फल-सब्जी विक्रेता संक्रमित, अब तक 13 सब्जीवाले, 7 दुकानदार पॉजिटिवशहर में लॉकडाउन के दौरान लोगों को जरूरी सेवाएं दे रहे लोग अब कोरोना के सुपर स्प्रेडर्स साबित हो रहे हैं। क्योंकि मंगलवार को भी शास्त्रीनगर और भट्टा बस्ती में 4, जबकि मुहाना मंडी में 1 पपीता व्यापारी संक्रमित पाया गया। शहर में अब तक 20 सुपर स्प्रेडर्स (फल-सब्जी वाले, फार्मासिस्ट, दूध-किराना संचालक और गैस सप्लायर) पॉजिटिव मिलेे हैं। इनमें 13 सब्जीवाले व 7 दुकानदार हैं।कोरोना पॉजिटिव मिलने पर दो थाना इलाके में लगा कर्फ्यूकोरोना वायरस के प्रकोप बुधवार को दो और कॉलोनियों में पहुंच गया। सदर व बजाज नगर इलाके में कोरोना पॉजिटिव मिलने के कारण बुधवार को गांधी नगर स्थित राजकीय आवास और सदर इलाके में हसनपुरा स्थित लोको कॉलोनी में कोरोना कर्फ्यू लगाया गया है। कमिश्नरेट के 4 थाना रामगंज, सुभाष चौक, माणकचौक व कोतवाली के सम्पूर्ण क्षेत्र और 29 थाना इलाके में आंशिक कोरोना कर्फ्यू लगा हुआ है। परकोटे के कर्फ्यू क्षेत्र में पुलिस 15 ड्रोन से सघन और तंग गलियों में भी निगरानी कर रही है।प्लाज्मा थेरेपी ने दो मरीजों को वेंटीलेटर पर जाने से बचायाप्रदेश में पहली बार कोरोना पॉजिटिव मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी देने के महज दो घंटे में ही सफल परिणाम सामने आए हैं। एसएमएस अस्पताल में किए गए प्रयोग के दौरान शुरुआती दौर में दो पॉजिटिव केस को प्लाज्मा थेरेपी दी गई है और दोनों ही पहले से काफी बेहतर स्थिति में हैं। आईसीएमआर ने यहां कुल 20 मरीजों पर ट्रायल के लिए कहा है। यानी अभी 18 और मरीजों को यह थेरेपी दी जा सकती है।रिसिपिएंट का ऑक्सीजन सेचुरेशन 93% जरूरीजिस मरीज को प्लाज्मा दिया जाता है, उसके भी नियम हैं। यानी कि मरीज का ऑक्सीजन सेचुरेशन 93% से कम होना चाहिए, रेस्पाइरेटरी सिस्टम 24 प्रति मिनट से अधिक होना चाहिए। इसके बाद ही ब्लड बैंक की टीम की मदद से 200 एमएल कन्वल्सेंट प्लाज्मा लेते हैं और पेशेंट में ट्रांसफ्यूजन करते हैं। हर 20 मिनट में चेकअप करते हैं। ताकि कोई परेशानी न हो।
Source: Dainik Bhaskar May 07, 2020 07:11 UTC