सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने झांसी में कहा कि यूपी के सीएम और डिप्टी सीएम आपस में टकरा रहे हैं। हमने कभी नहीं सोचा था कि सनातन धर्म के शंकराचार्य के खिलाफ भी कोई कुछ बोलेगा, लेकिन इस सरकार के अहंकार की वजह से उन्हें स्नान तक नहीं करने दिया गया।. AI समिट में कांग्रेस का प्रदर्शन गलत AI समिट में यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन करके हंगामा करना गलत है। विदेशी डेलीगेट्स के सामने इससे हमारे देश की छवि खराब होती है। जब दुनिया भर के प्रतिनिधि आए हों, तब हमें ऐसा हंगामा नहीं करना चाहिए। मैं इसके पक्ष में नहीं हूं। सरकार से लड़ाई हमारा आंतरिक मामला है।नोएडा में इंजीनियर की मौत की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा- एक पिता फोन की रोशनी दिखाकर मदद के लिए चिल्लाता रहा। अफसर पहुंचे, लेकिन कोई पानी में नहीं उतरा। ढाई घंटे तक वह इंतजार करता रहा कि कोई उसके बच्चे की जान बचाएगा, लेकिन पुलिसकर्मी पानी में नहीं कूदे, क्योंकि पानी बहुत ठंडा था।2. गोरखपुर में गोरखधंधा चल रहा गोरखपुर में 14 साल के बच्चे की नाले में गिरने से मौत हो गई। गोरखपुर में एम्स के लिए जमीन दी गई थी और वहां अस्पताल बन गया। लेकिन उसी गोरखपुर में 19 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई। वह गोरखपुर नहीं है, वहां गोरखधंधा चल रहा है। इस सरकार में 90 किलोमीटर की लिंक रोड करीब 7 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनाई गई।अखिलेश ने कहा- एआई समिट में कांग्रेस को प्रदर्शन नहीं करना चाहिए था। इससे देश की बदनामी होती है।3. अधिकारियों ने मिलकर स्क्रैप माफिया को भगाया मुख्यमंत्री अब संविधान के पीछे छिप रहे हैं, जिस संविधान को उन्होंने कभी नहीं माना। ये दूसरों को उपद्रवी और माफिया कहते हैं, लेकिन 2017 के बाद इन्होंने अपने मुकदमे वापस ले लिए। उनके दिए हुए हलफनामों को देखें तो आज तक इतना मुकदमों वाला कोई मुख्यमंत्री नहीं बना।माफिया और कानून की बात करते हैं। इनके ही शासन में बांदा में अधिकारियों ने स्क्रैप माफिया को जेल से भगा दिया गया। उस समय पुलिस जश्न मना रही थी।4. शंकराचार्य के बटुकों को पीटा गया यूपी के सीएम और डिप्टी सीएम आपस में ही टकरा रहे हैं। हमने कभी कल्पना नहीं की थी कि सनातन धर्म के शंकराचार्य के खिलाफ भी कोई बोलेगा, लेकिन इस सरकार के अहंकार ने हमारी पौराणिक परंपराओं को ठेस पहुंचाई है।शंकराचार्य को पूरे सम्मान के साथ संगम में स्नान नहीं करने दिया गया। न केवल उन्हें रोका गया, बल्कि उनके बटुकों की शिखा पकड़कर अपमानित किया गया। पुलिस की पिटाई इतनी थी कि उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।झांसी पहुंचने पर सपा कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव का स्वागत किया।5.
Source: NDTV February 21, 2026 13:36 UTC