वापस जाओ के नारे लगे और हवा में लहराए कागज के गोलेहंगामे के बीच गश खाकर गिरे सपा विधायक सुभाष पासीएनबीटी ब्यूरो, लखनऊ : उत्तर प्रदेश की विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार को विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच शुरू हुआ। विपक्षी दलों के वापस जाओ के नारों हल्ले के बीच राज्यपाल राम नाईक ने विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन में पूरा अभिभाषण पढ़ा। विपक्ष ने न सिर्फ सदन में नारेबाजी और शोरशराबा किया, बल्कि कागज के गोले बना कर राज्यपाल की ओर फेंके। सुरक्षाकर्मी राज्यपाल की ओर फेंके जा रहे कागजों को फाइल के सहारे रोकने की कोशिश करते रहे, फिर भी कुछ गोले राज्यपाल तक पहुंच गए। नाईक बीच-बीच में विपक्षी सदस्यों के रवैये को सवालिया नजरों से देखते और इशारों में आपत्ति जताते रहे। एक सदस्य की ओर देख कर राज्यपाल ने यहां तक कहा कि 'मैं आपको चिह्नित करूंगा, तो दिक्कत हो जाएगी।' हंगामे के बीच सपा सदस्य सुभाष पासी गश खाकर वेल में गिर पड़े। आनन-फानन में उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया।राज्यपाल के आते ही शुरू हुआ विरोधराज्यपाल राम नाईक के विधानभवन पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ आनर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, विधान परिषद के सभापति, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने उनका स्वागत किया और मंडल तक ले गए। बिगुल की आवाज के संकेत के साथ राज्यपाल जैसे ही विधानसभा में पहुंचे, विपक्षी दलों ने विरोध शुरू कर दिया, लेकिन तभी राष्ट्रीय गान शुरू हो गया। राष्ट्रीय गान खत्म होते ही विपक्षी दलों ने राज्यपाल वापस जाओ के नारे लगाने शुरू कर दिए। हंगामे के बीच राज्यपाल ने अभिभाषण पढ़ना शुरू किया और करीब एक घंटे में पूरा अभिभाषण खत्म किया।सपा विधायक सुभाष पासी ट्रॉमा में भर्तीसपा सैदपुर से विधायक सुभाष पासी सदन में अचानक बेहोश होकर गिर गए। आनन-फानन में उन्हें ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। जहां पर उनके गर्दन और दाएं कंधे में चोटें आई हैं। उन्हें देखने के लिए राज्यपाल राम नाईक भी पहुंचे। इसके अलावा कई नेताओं ने ट्रॉमा पहुंचकर विधायक का हाल जाना। विधायक को ट्रॉमा सेंटर में रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट में भर्ती करवाया गया है। पहले उन्हें विधानसभा से सीधे सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। यूनिट इंचार्ज डॉ़ वेद प्रकाश ने बताया कि दोपहर दो बजे उनको बेहोशी की हालत में लाया गया था। सभी जांचें करा दी गई हैं। चोट है लेकिन फ्रैक्चर नहीं है। किसी प्रकार की कोई चिंताजनक स्थिति नहीं है।
Source: Navbharat Times February 06, 2019 00:56 UTC