नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। राज्य सेवा परीक्षा में कम पद होने से अभ्यर्थियों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इस बार परीक्षा में केवल 155 पद घोषित किए गए हैं, जबकि इसके लिए लगभग एक लाख 35 हजार उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। इतने कम पदों के कारण प्रतियोगिता बेहद कठिन हो गई है, जिससे अभ्यर्थियों में असंतोष साफ दिखाई दे रहा है।फिलहाल शासन की तरफ से कोई दिशा-निर्देश मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) को नहीं मिले हैं। इसके चलते आयोग ने अभी तक विभागों में पदों की संख्या पर फैसला नहीं किया है। हालांकि आयोग इस संबंध में लगातार शासन से संपर्क किए हुए है।21 विभागों के लिए बनाए गए 500 से अधिक केंद्र26 अप्रैल को आयोग ने राज्य सेवा और वन सेवा परीक्षा रखी है, जिसमें सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों को 16 अप्रैल से प्रवेश पत्र दिए जाएंगे। आयोग के मुताबिक राज्य सेवा परीक्षा में 21 विभागों में 155 पद रखे गए हैं। इनमें एसडीएम, डीएसपी, वाणिज्य कर अधिकारी, मुख्य नगर पालिका निगम अधिकारी, अतिरिक्त सहायक विकास अधिकारी, जिला पंजीयक, सहायक संचालक जनसंपर्क सहित अन्य पद हैं। आयोग ने प्रत्येक जिले में परीक्षा केंद्र रखे हैं, जिसमें 500 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों को केंद्र बनाया है।पद बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शनराज्य सेवा परीक्षा में लगातार कम हो रहे पदों को लेकर अभ्यर्थी नाराज हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश के कई सरकारी विभागों में सैकड़ों पद खाली पड़े हैं, बावजूद भर्ती के लिए बहुत कम पद निकाले जा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर वे लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और अब तक तीन बार आयोग को ज्ञापन भी सौंप चुके हैं। उनका मुख्य आग्रह है कि पदों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि अधिक उम्मीदवारों को अवसर मिल सके। ओएसडी रवींद्र पंचभाई का कहना है कि शासन को पदों की संख्या में इजाफा करने के लिए पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक जवाब नहीं आया है।
Source: Dainik Jagran March 30, 2026 17:21 UTC