भास्कर न्यूज, पुणे। शहर में विज्ञापन बोर्ड (होर्डिंग) लगाने के लिए महापालिका की अनुमति अनिवार्य है। अब यह अनुमति देने का अधिकार एक बार फिर मनपा के अतिरिक्त आयुक्त के पास केंद्रित कर दिया गया है। इससे पहले प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए ये अधिकार क्षेत्रीय स्तर पर सहायक आयुक्तों और जोनल उपायुक्तों को सौंपे गए थे। हालांकि, पिछले एक महीने में बड़े पैमाने पर नए होर्डिंग को अनुमति दिए जाने और उसमें नियमों के उल्लंघन के संदेह के कारण मनपा आयुक्त नवलकिशोर राम ने तत्काल प्रभाव से इन अधिकारों को पूर्ववत कर दिया है।मनपा आयुक्त नवलकिशोर राम ने प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए होर्डिंग अनुमति का अधिकार सहायक आयुक्तों को सौंपा था। लेकिन, विकेंद्रीकरण के बाद पिछले एक महीने में ही 400 से अधिक नए होर्डिंग को मंजूरी दे दी गई। इसको लेकर आयुक्त के पास कई शिकायतें प्राप्त हुईं कि नई अनुमतियां नियमों को ताक पर रखकर दी गई हैं। जिसके बाद आयुक्त ने सुधारित आदेश जारी किया है। अब होर्डिंग अनुमति देने का अधिकार दोबारा अतिरिक्त आयुक्त को सौंपा गया है। नए विज्ञापन होर्डिंग के प्रस्ताव लाइसेंस निरीक्षकों के माध्यम से लाइसेंस एवं आकाशचिन्ह विभाग के उपायुक्त को प्रस्तुत किए जाएंगे। उपायुक्त इन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी के लिए अतिरिक्त आयुक्त के पास भेजेंगे। भले ही अनुमति देने के अधिकार बदल दिए गए हों, लेकिन कार्रवाई के अधिकारों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अवैध होर्डिंग, फ्लेक्स, झंडे और बैनरों के खिलाफ कार्रवाई पहले की तरह क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से ही की जाएगी।
Source: Dainik Bhaskar January 01, 2026 10:02 UTC