Udaipur Video Controversy: DSP Chandel Led Probe, ASP Mewara Not Mentioned - News Summed Up

Udaipur Video Controversy: DSP Chandel Led Probe, ASP Mewara Not Mentioned


उदयपुर में बीजेपी की महिला नेता के कथित वीडियो कांड ‘उदयपुर फाइल्स’ में एक नया मोड़ आया है। आरोपी के घर पर तोड़फोड़ के आरोप और कुछ बीजेपी नेताओं के सीसीटीवी फुटेज सामने आने से मामला बढ़ने पर जांच अधिकारी बदला गया था, हालांकि डीएसपी ने जांच एएसपी को नह. जानकारी के अनुसार, 11 फरवरी को आरोपी को हिरासत में लेने से लेकर चार्जशीट दाखिल करने तक की पूरी जांच गिर्वा डीएसपी गोपाल चंदेल ने ही की है।विवाद बढ़ने पर DGP ने जांच ASP गोपाल मेवाड़ा को सौंपने की बात कही थी। लेकिन कोर्ट में पेश चार्जशीट में ASP की ओर से किसी भी तरह की जांच या गवाही का कोई उल्लेख नहीं है।चार्जशीट के अंतिम पेज पर लिखा है कि गिर्वा डीएसपी गोपाल चंदेल ही चार्जशीट पर भूपालपुरा थानाधिकारी आदर्श कुमार के हस्ताक्षर की पुष्टि करेंगे। इससे स्पष्ट है कि जांच में डीएसपी चंदेल और थानाधिकारी आदर्श कुमार की ही भूमिका है।वहीं, एक वीडियो में पीड़िता के साथ आपत्तिजनक अवस्था में एक व्यक्ति नजर आ रहा है। बड़ा सवाल यह है कि वह व्यक्ति कौन है? पुलिस ने 2 महिलाओं को भी गवाह बनायापुलिस का मानना है कि आरोपी अपने खिलाफ पहले से चल रहे धोखाधड़ी के मामले को रफा-दफा करवाने के लिए पीड़ित महिला से एप्रोच करवा रहा था। आरोपी को लगता था कि पीड़ित महिला की जान-पहचान कई बड़े नेताओं से हैं, और वह उन नेताओं के प्रभाव से धोखाधड़ी के मामले को खत्म करवा सकती है। साथ ही पुलिस ने कुल 12 गवाहों में उन 2 महिलाओं को भी शामिल किया है, जो पहले आरोपी के साथ काम कर चुकी हैं। आरोपी ने उन महिलाओं के साथ कई लेन-देन किए थे।वहीं, चार्जशीट में पुलिस ने एक वीडियो में पीड़िता के साथ आपत्तिजनक अवस्था में एक व्यक्ति (नाम नहीं) के होने की बात लिखी है। सभी वीडियो में ऑडियो भी है। इस वीडियो की रिकॉर्डिंग 29 जनवरी 2026 को दोपहर 3:25 बजे की बताई गई है।ऐसे में वह व्यक्ति कौन था, इस नाम को लेकर अटकलें तेज है। क्या वह अज्ञात व्यक्ति किसी पार्टी का बड़ा पदाधिकारी या कार्यकर्ता था, या कोई और? सूत्रों के अनुसार, उस व्यक्ति का पीड़िता के ऑफिस में अक्सर आना-जाना होता था। पीड़िता बीजेपी में पदाधिकारी थी, इसलिए कई नेताओं का भी उस ऑफिस में मिलना-जुलना होता था।पुलिस 11 फरवरी को सुबह करीब 4 बजे आरोपी को उसके घर से लेकर गई थी।फोन में मिले पीड़िता के न्यूड वीडियो, स्पाई कैमरे भी बरामदपुलिस ने आरोपी से सैमसंग का मोबाइल जब्त किया। इस फोन में पीड़िता के अलग-अलग नामों से बने कई फोल्डर और सब-फोल्डर मिले, जिनमें पीड़िता के न्यूड वीडियो थे।आरोपी के फोन में LOOK CAM एप मिला, जिसका इस्तेमाल वह स्पाई कैमरे की रिकॉर्डिंग देखने के लिए करता था। ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग के लिए उसके मोबाइल में True Cloud एप थी।पुलिस ने अजंता कंपनी की स्पाई कैमरा युक्त डिजिटल घड़ी और हिडन कैमरा डिवाइस भी जब्त किया। हिडन कैमरा डिवाइस को ब्लेजर या कोट में लगाया जाता था।इसके अलावा, 32 जीबी क्षमता वाले 2 मेमोरी कार्ड भी बरामद किए गए, जिन्हें पुलिस ने आरोपी के घर से बरामद किया।मामले में बहुत कुछ छुपाया गयाअसल में इस पूरी कहानी में बहुत कुछ है, जो छुपाया गया है। सबसे पहले केस की जांच कर रहे डीएसपी गोपाल चंदेल पर संदेह जताते हुए उदयपुर के बड़े जनप्रतिनिधियों ने उन्हें हटाने के पत्र लिखे थे। इसके बाद डीजीपी ने उदयपुर एसपी को लिखित आदेश जारी कर इस केस में ASP गोपाल स्वरूप मेवाड़ा को पुलिसिया भाषा में इंक्वयारी यानि मॉनिटरिंग के आदेश जारी किए थे।इसके बाद उदयपुर एसपी योगेश गोयल ने जांच अधिकारी बदलने के आदेश कर दिए थे। एसपी की एएसपी मेवाड़ा से मॉनिटरिंग करवाने की बजाय जांच अधिकारी को ही बदलने के पीछे मंशा क्या थी, इस अब पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जबकि डीजीपी ने जांच अधिकारी बदलने के लिए नहीं लिखा था, तो वे इस जांच को चंदेल से बदलकर एएसपी को क्यों करवाना चाह रहे थे।डीएसपी आईजी को कर रहे थे रिर्पोटिंगसूत्रों के अनुसार, केस की रिर्पोटिंग डीएसपी सीधे उदयपुर आईजी गौरव श्रीवास्तव को कर रहे थे। इससे उदयपुर एसपी काफी असहज थे। इस केस में पहले दिन से आईजी के निर्देश पर कार्रवाई होने से एसपी गोयल बिल्कुल साइडलाइन थे।वहीं, दूसरी तरफ उदयपुर के एक ग्रुप के भाजपा नेताओं ने जांच अधिकारी बदलने की शिकायत फिर सीएमओ और पीएचक्यू तक की। डीएसपी चंदेल जांच करते रहे और एएसपी को कोई फाइल का हैंड ओवर तक नहीं दिया।इसी कारण मेवाड़ा को न फाइल मिली, न वे कभी इस केस में जुड़कर कोई तथ्य जुटा पाए। लगातार चौतरफा दबाव के बीच एएसपी मेवाड़ा ने भी ज्यादा रूचि नहीं दिखाई और चुप रहे। जांच अधिकारी के नाम पर बवाल न हो, इसके कारण पुलिस के सभी अधिकारियों ने चुप्पी साधे रखी और आनन-फानन में चंदेल जांच पूरी कर चार्जशीट बनाकर भूपालपुरा थाने के माध्यम से पेश करवा दी।कानून प्रावधानों के तहत इस केस में चार्जशीट 60 दिन में पेश की जा सकती थी। हाईप्रोफाइल मामले में रोजाना हो रहे बदलाव के बीच जांच अधिकारी ने 17 दिन पहले चार्जशीट पेश कर दी। उदयपुर के तत्कालीन SP योगेश गोयल का ट्रांसफर हो चुका है। अब उदयपुर की Sp अमृता दुहन है। उन्होंने पिछले सप्ताह ही जॉइन किया है, जबकि गोयल का ट्रांसफर जयपुर में हुआ है।…‘उदयपुर फाइल्स’ केस की चार्जशीट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…बीजेपी की महिला नेता के कथित वीडियो-कांड में चार्जशीट पेश:मेमोरी कार्ड में मिली 20 से ज्यादा क्लिप; जासूसी कैमरा बेचने वाले को बनाया गवाहउदयपुर में बीजेपी की महिला नेता के कथित वीडियो कांड ‘उदयपुर फाइल्स’ पर पुलिस ने चार्जशीट पेश कर दी है। FIR और आरोपी की गिरफ्तारी के 44 दिन बाद 27 मार्च को भूपालपुरा थाना पुलिस ने एसीजेएम-4 कोर्ट में यह चार्जशीट दाखिल की। पढ़ें पूरी खबर


Source: Dainik Bhaskar March 30, 2026 12:00 UTC



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