बंद पड़ी खदान से निकला वायरस? अप्रैल 2012 में चीन के युन्नान प्रांत में तांबे की एक खदान में तीन मजदूरों को सफाई के लिए भेजा गया। इस खदान का इस्तेमाल नहीं होता था और यहां चमगादड़ों ने अपना घर बसा रखा था। इस अंधेरी खदान में हवा तक नहीं थी और घंटों ये मजदूर यहां सफाई करते रहे। दो हफ्ते बाद तीनों को निमोनिया जैसी बीमारी हो गई। इसके बाद तीन और मजदूरों को भेजा गया लेकिन उन्हें भी तेज बुखार, खांसी और सांस में दिक्कत होने लगी। सभी को कनमिंग मेडिकल स्कूल इलाज के लिए भेजा गया जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। कुछ ही महीनों में 3 की मौत हो गई।वुहान लैब भेजे गए थे सैंपल पीड़ितों के ब्लड सैंपल वुहान वायरॉलजी लैब भेजे गए। यहां 'बैट वुमन' के नाम से मशहूर डॉ. शी झेंगली ने इनका अनैलेसिस किया। उनकी जांच में पाया गया कि इन लोगों की मौत फंगल इन्फेक्शन के कारण हुई थी। अब वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के बाद एक बार फिर ये वाकया और लैब दोनों चर्चा में हैं और यहीं से वायरस लीक होने के आरोपों को बल मिला है। खासकर तब जब अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इंटेलिजेंस अधिकारियों को आदेश दिया है कि वायरस की उत्पत्ति के बारे में सच पता करने के लिए कोशिशें तेज की जाएं और 90 दिन में रिपोर्ट दी जाए।
Source: Navbharat Times May 29, 2021 12:28 UTC