छप्पर बचाने टंकी पर चढ़ी महिलाएं: बोलीं- तोड़े तो आत्महत्या कर लेंगे, प्रशासन बोला- ठीक है, नीचे उतरो, अभी नहीं हटा रहे अतिक्रमण - News Summed Up

छप्पर बचाने टंकी पर चढ़ी महिलाएं: बोलीं- तोड़े तो आत्महत्या कर लेंगे, प्रशासन बोला- ठीक है, नीचे उतरो, अभी नहीं हटा रहे अतिक्रमण


Hindi NewsLocalRajasthanJaipurTonkThree Or Four Nomadic Families Have Been Living On Pasture Land Near Sonwa Village Of Mehandwas Police Station Area For More Than Two Decades, Today Tehsildar Had Gone To Maya Police Japte With JCB To Remove Encroachment. छप्पर बचाने टंकी पर चढ़ी महिलाएं: बोलीं- तोड़े तो आत्महत्या कर लेंगे, प्रशासन बोला- ठीक है, नीचे उतरो, अभी नहीं हटा रहे अतिक्रमणपानी की टंकी पर चढ़ी तीन महिलाएं।टोंक के सोनवा गांव में प्रशासन ने छप्परों को अतिक्रमण मानकर तोड़ा तो महिलाएं पानी की टंकी पर चढ़ गईं। टंकी पर चढ़ी महिलाओं ने चेतावनी दी, यदि उनकी झोंपड़ियां तोड़ी और घर से बेदखल किया तो वे आत्महत्या कर लेंगी, क्योंकि अब उनके पास ऐसा करने के अलावा कोई चारा नहीं है। घबराए प्रशासन ने तुरंत अतिक्रमण हटाने का काम रोका और नीचे से पुकार कर बताया, ठीक है, हम अतिक्रमण नहीं हटा रहे, आप नीचे उतरो। इसके बाद महिलाएं नीचे उतरीं।असल में करीब 25-30 साल से रह रहे इन कच्चे घरों में रह रहे परिवारों को यहां से हटाने के लिए कोशिश में लगा था। इस संबंध में पिछले दिनों इन चार-पांच परिवारों के लोग टोंक पहुंचे और अपना आशियाना उजड़े नहीं, इसके लिए ज्ञापन देकर आए थे। कलेक्टर ने भी इनकी सुनवाई नहीं की और गुरुवार को प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और दो छप्परों को उजाड़ भी दिया। इसके विरोध में यहां बनी पानी की टंकी पर महिलाएं चढ़ गई और विरोध करने लगी। इनका कहना था कि भूमाफियाओं के इशारों पर यह कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन पूरी तरह उनके दबाव में है और मामूली स्थान पर बने चार-पांच छप्परों को तोड़कर उनका आशियाना उजाड़ने में लगा है।कलेक्टर को दिया था ज्ञापनकलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि सोनवा में पानी की टंकी सरहद अल्लापुरा की सीमा के पास वे परिवार सहित दो-तीन दशक से रह रहे हैं। उनके पास रहने का और कोई ठिकाना नहीं है। इसके बावजूद प्रशासन भू-माफियाओं के इशारे पर उन्हें बेदखल करने पर तुला है। इसके बावजूद प्रशासन खानाबदोश लोगों की एक नहीं सुनी और गुरुवार सुबह करीब 11 बजे जेसीबी लेकर मय पुलिस जाब्ता के तहसीलदार रामपाल मीणा मौके पर पहुंचे और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।घनी झाड़ियों को साफ कर बनाई थी झोंपड़ियांपानी की टंकी से नीचे उतरी महिलाओं ने बताया कि उनके पास यहां के अलावा कोई जगह नहीं है। यहां 20-30 साल से रह रहे हैं। यहां पहले घने जंगल थे। बडी मुश्किल से उसे साफ कर इस जगह को रहने योग्य किया है और अब प्रशासन बेघर करने पर तुला है, लेकिन हम कहां जाए कोई रहने के लिए दूसरी जगह नहीं है। प्रशासन जबदस्ती करने पर तुला तो मरने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं रहेगा।चारागाह जमीन पर कर रखा है अतिक्रमणतहसीलदार रामपाल मीणा ने बताया कि 4-5 घुमक्कड़ परिवारों ने दो तीन -बीघा में अतिक्रमण कर रखा है। उसे हटाने के लिए प्रशासन ने इन्हें गत दिनों नोटिस दिया था, लेकिन इन्होंने उसके पालना में जमीन खाली नहीं की। ऐसे में तहसील प्रशासन ने गुरुवार को जेसीबी लेकर मय पुलिस जाब्ते के अतिक्रमण हटाने पहुंचा। जहां दो- तीन महिलाएं पानी की टंकी पर चढ़ गई। जान-माल के नुकसान को देखते हुए प्रशासन ने बहरहाल अतिक्रमण हटाने का कार्य रोक दिया है। बाद में उच्च निर्देशानुसार इसमें कार्रवाई की जाएगी।


Source: Dainik Bhaskar July 08, 2021 11:29 UTC



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