वेंडर की वर्दी पर मेनू-कार्ड, QR कोड बताएगा खाने की सही कीमत, रेलवे की पहल से खत्म होगा ओवरचार्जिंग का खेल - News Summed Up

वेंडर की वर्दी पर मेनू-कार्ड, QR कोड बताएगा खाने की सही कीमत, रेलवे की पहल से खत्म होगा ओवरचार्जिंग का खेल


नवदुनिया प्रतिनिधि भोपाल। रेल यात्रियों से खाने-पीने की वस्तुओं के लिए अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायतें अक्सर आती रहती हैं। इसे खत्म करने के लिए इंडियन रेलवे केटरिंग एंड ट्यूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) अब नई तकनीक का सहारा लिया है। नई व्यवस्था के तहत पहले चरण में देशभर की 260 ट्रेनों में क्यूआर कोड आधारित सिस्टम लागू किया गया है। इन ट्रेनों का संबंध सेंट्रल रेलवे मुंबई, वेस्टर्न रेलवे मुंबई और वेस्ट सेंट्रल रेलवे जबलपुर से है।इस पहल की शुरुआत मुंबई से आने-जाने वाली प्रीमियम ट्रेनों से की जा चुकी है। नई व्यवस्था के तहत ट्रेन में तैनात वेंडर और ऑन-बोर्ड स्टाफ की यूनिफॉर्म पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा। यात्री इस कोड को अपने मोबाइल से स्कैन करते ही उपलब्ध खाद्य सामग्री की सूची, आधिकारिक मेन्यू और तय कीमतों की जानकारी तुरंत देख सकेंगे। यही नहीं, इसी क्यूआर कोड के माध्यम से डिजिटल भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे नकद लेनदेन की जरूरत कम होगी। वंदे भारत और राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में स्टाफ को नेवी ब्लू जैकेट पहनाई जा रही है, जिस पर क्यूआर कोड और हेल्पलाइन नंबर अंकित हैं।सभी के लिए यूनिफॉर्म अनिवार्यअन्य ट्रेनों में तैनात कर्मचारियों ने हल्के नीले रंग की टी-शर्ट पहनना शुरू कर दिया है। सभी के लिए यह यूनिफॉर्म अनिवार्य कर दी गई है। साथ ही स्टाफ के पास क्यूआर कोड युक्त आईडी कार्ड भी उपलब्ध है, जिससे उनकी पहचान और सेवा की प्रमाणिकता सुनिश्चित हो रही है। यात्री क्यूआर कोड स्कैन कर कार्ड, यूपीआई और अन्य आनलाइन माध्यमों से तुरंत भुगतान कर सकेंगे। इस योजना को सेंट्रल रेलवे, वेस्ट सेंट्रल रेलवे और कोकण रेलवे के सहयोग से लागू किया जा रहा है। पहले चरण में 260 ट्रेनों में सफलता के बाद इसे देशभर की अन्य ट्रेनों और प्रमुख स्टेशनों तक विस्तार देने की तैयारी है।यह भी पढ़ें- यात्रियों की बल्ले-बल्ले... नर्मदा एक्सप्रेस अब LHB कोचों के साथ दौड़ेगी, मिलेगा स्मूद और आरामदायक सफर का एक्सपीरियंसरेल यात्रियों को मिलेगा सही कीमत पर भोजनयह पहल रेल यात्रियों को सही कीमत पर भोजन उपलब्ध कराने और सेवा प्रणाली को अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सौरभ कटारिया, सीनियर डीसीएम, भोपाल रेल मंडल।इस व्यवस्था का उद्देश्य खानपान सेवाओं में पारदर्शिता लाना और ओवरचार्जिंग की शिकायतों पर रोक लगाना है। यात्रियों को साफ दिखेगा कि सामान का असली रेट क्या है, ताकि उनसे ज्यादा पैसे न लिए जा सकें। डा. एके सिंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, आईआरसीटीसी।


Source: Dainik Jagran January 28, 2026 19:22 UTC



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