कानपुर (ब्यूरो)। अब अंगूठे के दगा देने पर भी रजिस्ट्री कराई जा सकेगी। जिले के सभी सात सब रजिस्ट्रार ऑफिस में आइरिश मशीनें लगा दी गई हैं। सॉफ्टवेयर भी अपडेट कर दिया गया है। अब रजिस्ट्री कराते समय किसी का अंगूठा मैच नहीं हुआ तो आइरिश स्कैनर मशीन से रेटिना के माध्यम से आधार से लिंक होते ही यह सुनिश्चित हो जाएगा कि रजिस्ट्री करने वाला सही व्यक्ति है।सीनियर सिटीजंस को होती प्रॉब्लममकान, दुकान, फ्लैट, जमीन की रजिस्ट्री कराने में अभी कुछ सीनियर सिटीजंस की बायोमीट्रिक में थंब इंप्रेशन नहीं आता था। इससे रजिस्ट्री नहीं हो पाती थी। जिले में ही हर माह 20-25 मामले ऐसे आते थे। ऐसे में सब रजिस्ट्रार दफ्तर में आइरिश मशीन लगाने का फैसला हुआ था। इससे आंखों के रेटिना से आधार मैच होते ही पता चल जाएगा कि जमीन, दुकान, मकान की रजिस्ट्री करने वाला व्यक्ति सही है। यह सुविधा देने के लिए सॉफ्टवेयर में बदलाव किया गया है। एआईजी स्टांप श्याम सिंह विसेन ने बताया कि सदर तहसील के चार, बिल्हौर, घाटमपुर और नर्वल तहसील के सब रजिस्ट्रार दफ्तरों में आइरिश स्कैनर मशीन लगा दी गई हैं।संडे को भी हुईं रजिस्ट्रियांरविवार को अवकाश पर भी रजिस्ट्री दफ्तर खोला गया। लोगों ने जमीन, दुकान, मकान, फ्लैट की रजिस्ट्रियां कराईं। सब रजिस्ट्रार विजय प्रकाश पांडेय ने बताया कि जोन एक में 14, जोन दो में 16, जोन तीन में 16, जोन चार में 17 रजिस्ट्रियां हुईं। बिल्हौर में 16, नर्वल में 15 और घाटमपुर में 14 लोगों ने जमीन, दुकान, मकान की रजिस्ट्रियां कराईं। कुल 108 रजिस्ट्रियों से एक करोड़ 22 लाख 93 हजार 950 रुपये की आय हुई।शार्ट सर्किट से लगी आगरजिस्ट्री ऑफिस में संडे दोपहर को सीढ़ी के पास लगे मेन स्विच में शार्ट सर्किट से आग लग गई। इससे वहां खड़े लोग इधर-उधर भागने लगे। गनीमत रही कि जोन तीन के कर्मचारियों ने कुछ ही देर में अग्निशमन यंत्रों से आग बुझा दी।
Source: Dainik Jagran March 30, 2026 20:24 UTC