तिरुवनंतपुरम, एएनआइ। देश में 25 मार्च से लॉकडाउन जारी है। लॉकडाउन-1 का समय 14 अप्रैल तक, लॉकडाउन-2 का 3 मई और अब लॉकडाउन-3 चल रहा है, जिसका समय 17 मई तक निर्धारित किया गया है। माना जा रहा है कि तब तक देश में कोरोना वायरस की स्थिति काफी हद तक ठीक हो जाएगी। हालांकि, यह इतना सरल नहीं है। देश में पिछले दो दिनों से मामले काफी हद तक बढ़ गए हैं। हाल ही में 24 घंटों में लगभग 4000 नए मामले सामने आए हैं। यहां कहने का तात्पर्य यह भी है कि भारत सरकार द्वारा सही समय तक सख्ती से लॉकडाउन लागू कर दिया गया, लेकिन इससे हुआ यह कि जो जहां था, वो वहीं रह गया। इससे प्रवासी मजदूरों को अच्छी खासी परेशानी हुई।अब भी लॉकडाउन जारी है और अभी भी लोग दूसरे प्रदेशों में फंसे हुए हैं। हर रोज किसी ना किसी राज्य से ऐसी तस्वीरें आती हैं, जहां मजदूर, जिनके पास खाने को भी नहीं हैं, वह पुलिस प्रशासन के सामने आ जाते हैं और वापस घर जाने के लिए कहते हैं। इस दौरान शारीरिक दूरी भी नहीं रह जाती। फिर कही ना कही पुलिस को एक्शन लेना पढ़ता है। ऐसा ही एक नजारा अब केरल के सामने आया जहां काफी सारे लोग सड़कों पर उतर आए और वापस मूल स्थानों पर पहुंचाए जाने की जिद करने लगे। इसपर पुलिस ने लाठीचार्ज किया।एर्नाकुलम जिले के कोट्टुकुलम क्षेत्र में पुलिस ने प्रवासी मजदूरों पर हल्के लाठीचार्ज का प्रयोग किया। पुलिस के मुताबिक, प्रवासी मजदूर भारी संख्या में सड़कों पर आ गए थे, जिस कारण खदेड़ने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। वह उनके मूल स्थानों पर वापस भेजने की मांग कर रहे थे।बता दें कि केरल में 500 से ऊपर मामले कोरोना वायरस के दर्ज किए जा चुके हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि वहां अब सिर्फ 30 ही सक्रिय बाकी रह गए हैं। यानी लगभग 470 लोगों को ठीक किया जा चुका है। वहां 4 लोगों की मौत हुई हैं।Posted By: Nitin Aroraडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस
Source: Dainik Jagran May 07, 2020 07:18 UTC