कोरोनावायरस का असर / एलआईसी को शेयर बाजार में लिस्ट करने और आईडीबीआई में हिस्सेदारी बेचेन की सरकार की योजना को लागू करने में हो सकती है देरी

सरकार ने एलआईसी की लिस्टिंग और आईडीबीआई में हिस्सेदारी बेचकर 90,000 करोड़ रुपए जुटा लेने की उम्मीद जताई हैआम बजट में सरकार ने चालू कारोबारी साल में विनिवेश के माध्यम से कुल 2.10 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा हैदैनिक भास्कर May 31, 2020, 08:36 PM ISTनई दिल्ली. भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को शेयर बाजार में लिस्ट करने और आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचने की सरकार की योजना को लागू करने में देरी हो सकती है। इसका कारण यह है कि कोरोनावायरस महामारी के कारण इनके वैल्यूएशन में काफी गिरावट आ गई है। चालू कारोबारी साल में सरकार ने विनिवेश करके 2.10 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसमें से 90,000 करोड़ रुपए एलआईसी की लिस्टिंग और आईडीबीआई बैंक के विनिवेश से मिल जाने की उम्मीद जताई गई है।एलआईसी के मेगा इश्यू को अभी उम्मीद के मुताबिक निवेशक मिलने की उम्मीद नहींवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2020-21 का बजट पेश करते हुए चालू कारोबारी साल में प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाकर एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी बेचने की घोषणा की थी। सूत्रों ने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए चालू कारोबारी साल में एलआईसी में हिस्सेदारी बेचना सरकार के लिए कठिन लगता है। मौजूदा परिस्थितियों में एलआईसी के मेगा इश्यू को उम्मीद के मुताबिक निवेशक मिलने की उम्मीद नहीं है। कोरोनावायरस महामारी के कारण सरकार ने हाल में देश की दूसरी सबसे बड़ी तेल मार्केटिंग कंपनी भारत पेट्र्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के निजीकरण के लिए बोली जमा करने की समय सीमा को दूसरी बार बढ़ा दी। अब इसकी समय सीमा को एक महीने से ज्यादा बढ़ाकर 31 जुलाई कर दिया गया है।सरकार की एलआईसी में 100 % और आईडीबीआई बैंक में 45.5 % हिस्सेदारी हैएलआईसी में अभी सरकार की 100 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं आईडीबीआई बैंक में सरकार की हिस्सेदारी करीब 45.5 फीसदी है। सूत्रों ने कहा कि परिस्थितियों में यदि थोड़ी सुधार हो जाए, तब भी सरकार को एलआईसी और आईडीबीआई के विनिवेश से हासिल होने वाली राशि के अनुमान में कटौती करनी पड़ सकती है। इसलिए कम वैल्यू पर इन कंपनियों के शेयरों को बेचने का फैसला समझदारी भरा नहीं हो सकता है।13 तिमाहियों के बाद लाभ में आया आईडीबीआई बैंकइस बीच आईडीबीआई बैंक ने लगातार 13 तिमाहियों तक घाटा दर्ज करने के बाद शनिवार को जनवरी-मार्च तिमाही में 135 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया। एक साल पहले की समान अवधि में बैंक ने 4,918 करोड़ रुपए का घाटा दर्ज किया था। जनवरी 2019 में एलआईसी ने आईडीबीआई बैंक में 51 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा कर लिया था। एलआईसी ने बैंक में 21,624 करोड़ रुपए का निवेश किया था। आईडीबीआई भारतीय रिजर्व बैंक के प्रांप्ट करेक्टिव एक्शन (पीसीए) फ्रेमवर्क के दायरे में है। बैंक ने कहा है कि पीसीए से बाहर आने के लिए जितनी भी शर्तें है, उसमें से उसने रिटर्न ऑन असेट को छोड़कर बाकी सभी शर्तें पूरी कर ली हैं।

May 31, 2020 15:11 UTC


राम विलास वेदांती और 9 संतों ने नए नक्शे से मंदिर बनाने की मांग की, विरोध में उतरे आंदोलन से जुड़े लोग, बोले- जग हंसाई न कराएं - Dainik Bhaskar

मंदिर आंदोलन से जुड़े संतों ने कहा- राम मंदिर के प्रस्तावित मॉडल को बदलने की मांग का मतलब मंदिर निर्माण पर 30 साल तक रोकदेश के शीर्ष संतों ने ट्रस्ट की बैठक में जो तय किया निर्माण उसी के अनुरूप होगादैनिक भास्कर May 31, 2020, 08:32 PM ISTअयोध्या. राम जन्मभूमि परिसर में भगवान राम के मंदिर निर्माण के लिए जमीन को समतल किया जा रहा है। इस बीच मंदिर के प्रस्तावित मॉडल को लेकर नया विवाद शुरू हो गया। शनिवार को श्रीराम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य एवं दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेश दास, डॉ. रामविलास वेदांती ने पुराने नक्शे व पत्थरों से नहीं बल्कि विशेष पत्थरों से विश्व का सर्वोत्तम मंदिर बनाने की मांग को लेकर बैठक की और प्रस्ताव पारित किया। बैठक में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के संतों की उपेक्षा का भी आरोप लगा।रविवार को इस प्रस्ताव के खिलाफ मंदिर आंदोलन से जुड़े संत सामने आए। संतों ने कहा- कुछ लोग नहीं चाहते कि मंदिर दो-तीन साल में बन जाए। ये लोग ऐसी मांग कर निर्माण कार्य को 30 साल तक रोकना चाहते हैं। जो मॉडल करोड़ों लोगों के दिल में बसा है, मंदिर उसी मॉडल पर बनेगा। जो इसे बदलने की मांग कर रहे हैं, वे खुद भव्य राम मंदिर अपने जीवनकाल नहीं देख सकेंगे।दिगंबर अखाड़ा में उठी थी ये मांगदिगंबर अखाड़े में शनिवार को हुई बैठक में श्रीराम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य व दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेश दास ने कहा- सभी संत चाहते हैं कि 500 वर्षों के बाद राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बनाने का मौका मिला है, इसलिए यह विश्व का शीर्ष मंदिर बने। न्यास के वरिष्ठ सदस्य डॉ रामविलास दास वेदांती ने कहा- जिन संतों ने खून बहाया, जेल गए उन्हें श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में पूछा तक नहीं गया। कहा- विश्व का सबसे ऊंचा मंदिर रामलला का बने और इसमें मकराना के पत्थर लगे यह सभी की इच्छा है। निर्वाणी अखाड़ा के महंत और मंदिर मामले के पक्षकार रहे धर्म दास भी शामिल थे।संतों ने मांग करते हुए कहा नवीन नक्शा बनाकर मंदिर का निर्माण कराया जाए। क्योंकि अब संसाधन की कमी नहीं है। बैठक में महंत सिया किशोरी शरण, महंत अवधेश दास, महंत भरत दास, महंत जनमेजय शरण, महंत राम मिलन दास, महंत पवन कुमार शास्त्री, कृपालु महाराज, राघवेश दास, महंत नारायणा चारी मौजूद रहे।क्या बोले संत-मंदिर के लिए सारी जिंदगी लगा दी: अयोध्या संत समित के अध्यक्ष संत कन्हैया दास ने कहा- मंदिर का 60 फीसदी काम हो चुका है। अब श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इमानदारी से इसके तकनीकी निर्माण को जल्द शुरू करने के लिए काम कर रहा है। संतो को उसमें बाधा न पहुंचा कर सहयोग करना चाहिए। इससे जल्द भव्य राम मंदिर बन जाए। इसमें राम लला को देखने के लिए लोग आतुर हैं।अयोध्या संत समित के अध्यक्ष संत कन्हैया दास ने कहा- मंदिर का 60 फीसदी काम हो चुका है। अब श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इमानदारी से इसके तकनीकी निर्माण को जल्द शुरू करने के लिए काम कर रहा है। संतो को उसमें बाधा न पहुंचा कर सहयोग करना चाहिए। इससे जल्द भव्य राम मंदिर बन जाए। इसमें राम लला को देखने के लिए लोग आतुर हैं। मॉडल बदलने की मांग, मंदिर निर्माण में बाधा पहुंचाने की: महंत कन्हैया दास ने कहा- इस तरह की मांग वे लोग कर रहे हैं, जो नही चाहते की मंदिर जल्द बने। इससे तो 30 साल तक मंदिर का निर्माण नहीं हो सकेगा। इस तरह की मांग करने वाले वे लोग है जो सदैव राम मंदिर आंदोलन में बाधाएं पैदा कर रहे थे। अब वीएचपी आंदोलन से जुडे़ डा राम विलास वेदांती भी उनसे जुड़कर अपना हलकापन दिखा रहे हैं। संतो की एक ही मांग होनी चाहिए कि, प्रस्तावित मॉडल पर राम मंदिर जल्द बने।महंत कन्हैया दास ने कहा- इस तरह की मांग वे लोग कर रहे हैं, जो नही चाहते की मंदिर जल्द बने। इससे तो 30 साल तक मंदिर का निर्माण नहीं हो सकेगा। इस तरह की मांग करने वाले वे लोग है जो सदैव राम मंदिर आंदोलन में बाधाएं पैदा कर रहे थे। अब वीएचपी आंदोलन से जुडे़ डा राम विलास वेदांती भी उनसे जुड़कर अपना हलकापन दिखा रहे हैं। संतो की एक ही मांग होनी चाहिए कि, प्रस्तावित मॉडल पर राम मंदिर जल्द बने। नई मांग करने वाले खुद नहीं देख पाएंगे मंदिर: राम बल्लभाकुंज मंदिर के महंत राज कुमार दास ने कहा- जो यह मांग कर रहे हैं, वे खुद मंदिर नही देख पाएगें। क्योंकि तब मंदिर बनने में 30 साल लग जाएंगे। उन्होने कहा जो लोग मंदिर के नए मॉडल की बात कर रहे हैं, अयोध्या में उनका कोई सामाजिक धरातल नहीं है। ट्रस्ट बन गया है, उसमें जगह न मिलना ही इनकी पीड़ा है। ट्रस्ट अपना काम ईमानदारी से कर रहा है। मंदिर में बाधा पहुंचाने की साजिश रचने वाले खुद अपनी जगहंसाई करवा रहे हैं।ट्रस्ट में शामिल शीर्ष संतों का निर्णय ही मान्य: महंत दिनेंद्र दासश्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य व निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही ट्रस्ट का गठन किया गया है। जिसमें देश के तमाम शीर्ष संत भी शामिल हैं। बैठक में प्रस्तावित राम मंदिर माडल के अनुरूप ही मंदिर निर्माण करने पर मुहर लग चुकी है। विरोध करने वाले हर काल व जगह पर मिलते हैं। प्रभु राम के कार्यकाल में भी उन्हें रावण जैसे विरोधी का सामना करना पड़ा। राम मंदिर के निर्माण में भी विरोधी अपना दांव खेलेंगे। ट्रस्ट उनको सुनते हुए अपने निर्णयों के मुताबिक काम करता रहेगा। वैसी मेरी सभी से अपील है कि राम जी के काम को पूरा करवाने में सहयोग करें, इसमें बाधाएं न खड़ी करें। उन्होने कहा कि महामंत्री चंपत राय व डॉ. अनिल मिश्र को काम करने की जिम्मेदारी दी गई है। वे सभी ट्रस्टियों से तालमेल करके व राय लेकर काम कर रहे हैं।

May 31, 2020 14:39 UTC


CM Shivraj singh live Madhya Pradesh Coronavirus Outbreak Live News Update Indore Bhopal Jabalpur Ujjain Dewas Gwalior Khandwa sagar May 31

मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा- कोरोना का संकट अभी टला नहीं है, लापरवाही भारी पड़ सकती हैस्वरोजगार के लिए महिलाएं बनाएंगी स्कूल ड्रेस, कंटेनमेंट एरिया में 30 जून तक लॉकडाउन रहेगादैनिक भास्कर May 31, 2020, 09:07 PM ISTभोपाल. प्रदेश में लॉकडाउन 30 जून तक बढ़ा दिया गया है। लेकिन, राहत की बात ये है कि इस दौर का लॉकडाउन कंटेनमेंट एरिया में ही लागू रहेगा। पूरे प्रदेश में रात 9 से सुबह 5 बजे तक आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। आठ जून से प्रदेश में सभी धार्मिक स्थलों को खोल दिया जाएगा। धार्मिक स्थलों पर आने वाले लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। ये बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए कही।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- कोरोना का संकट अभी टला नहीं है। जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। इसलिए सावधानी रखना और पहले से बनाए गए नियमों का पालन करना जरूरी है। मास्क पहनना जरूरी होगा। सार्वजिनक स्थलों पर लोग जमा नहीं हो सकेंगे। किसी की मृत्यु होने पर 20 और शादी समारोह में 50 लोग ही शामिल हो सकेंगे। प्रदेश में अंतर्राज्यीय बसों का संचालन 7 जून तक बंद रहेगा इसके बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा। राज्‍य में अनाज खरीदी की तारीख 30 जून कर दी गई है। किसानों को कर्ज चुकाने की तारीख भी 30 जून कर दी गई है।अन्य जिलों की यात्रा के लिए ई-पास आवश्यक नहींराजधानी भोपाल से प्रदेश के अन्य जिलों की यात्रा के लिए ई-पास की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है। राज्य सरकार के नए निर्देश के अनुसार मध्यप्रदेश के एक जिले से अन्य जिले में यात्रा करने के लिए अब ई-पास की आवश्यकता नहीं होगी। लेकिन, प्रदेश से किसी जिले से अन्‍य राज्‍य में अथवा अन्‍य राज्‍य से प्रदेश के किसी जिले में यात्रा के लिए पूर्व व्‍यवस्‍था अनुसार ई-पास प्राप्‍त करना अनिवार्य होगा। जिला प्रशासन ने लॉकडाउन के दौरान आर्थिक गतिविधियों को संबल प्रदान एवं प्रदेश के भीतर लोगों का आवागमन सुलभ बनाने के लिए यह निर्णय लिया है।ये अनुमतियां मिलेंगीइंदौर, उज्जैन और भोपाल संभाग सहित पूरे प्रदेश में फैक्ट्री के संचालक और निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों के परिवहन हेतु व संचालन करने की अनुमति होगी।प्रदेश के अंदर दैनिक परिवहन की बसें इंदौर उज्जैन और भोपाल को छोड़कर अन्य सभी संभागों में 50% क्षमता के साथ संचालित हो सकेंगी।इंदौर, उज्जैन, नीमच और बुरहानपुर के नगरीय क्षेत्रों के बाजार की एक चौथाई दुकानें बारी-बारी से खुलेगी वहीं भोपाल के बाजारों की एक तिहाई दुकानें बारी-बारी से खुलेंगे।देवास, खंडवा नगर निगम तथा धार एवं नीमच नगर पालिका क्षेत्र की आधी-आधी दुकानें बारी-बारी से खुलेंगी परंतु स्टैंडअलोन दुकानें व मोहल्ले की दुकानें प्रतिबंध से मुक्त रहेगी। इसके अलावा शेष प्रदेश में दुकानों के खुलने पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।विवाह समारोह में मेहमानों की संख्या 50 से अधिक नहीं होगी और अंतिम संस्कार के दौरान 20 व्यक्तियों से अधिक लोग नहीं रहेंगे।कंटेंटमेंट एरिया के बाहर 8 जून से यह गतिविधियां शुरू हो जाएंगीधार्मिक स्थल, सार्वजनिक स्थान, पूजा स्थल, शॉपिंग मॉल, होटल, रेस्तरां, शैक्षणिक संस्थाएं बंद रहेंगी, लेकिन 12वीं की परीक्षाओं के लिए स्कूल खोले जाएंगे। स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्‍थान खोले जाने का निर्णय सबके परामर्श के बाद जुलाई में लिया जाएगा।सभी क्षेत्रों में प्रतिबंधित गतिविधियांसिनेमा हॉल, व्यायामशाला, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार और ऑडिटोरियम, सभा कक्ष, मैरिज गार्डन।सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक कार्य व अन्य बड़ी सभाएं।इंदौर, उज्जैन और भोपाल नगर निगम क्षेत्र में सरकारी और प्राइवेट कार्यालय में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ तथा शेष प्रदेश में 100 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ खोले जाएंगे।और मुख्यमत्री ने क्या कहा

May 31, 2020 14:29 UTC


इंटरव्यू / विद्युत जामवाल के साथ एक्शन से ज्यादा रोमांटिक सीन के लिए देने पड़े रीटेक- अदा शर्मा

दैनिक भास्कर May 31, 2020, 08:32 PM ISTमुंबई (उमेश कुमार उपाध्याय). साल 2008 में विक्रम भट्ट निर्देशित फिल्म 1920 से मनोरंजन जगत में करियर शुरू करने वाली अदा शर्मा बॉलीवुड के साथ-साथ साउथ इंडस्ट्री में भी काम करते आई हैं। पिछले साल अदा शर्मा की कमांडो-3 और बाईपास रोड फिल्म रिलीज हुईं। विद्युत जामवाल के साथ अदा ने कई खतरनाक स्टंट भी किए हैं। हाल ही में भास्कर को दिए एक इंटरव्यू में अदा ने इस फिल्म के एक्सपीरिएंस को शेयर किया है।सेट पर हुई कोई यादगार घटनाहम फिल्म की शूटिंग से 20 दिन पहले लंदन गए थे, क्योंकि एक्शन की कोरियोग्राफी सीखनी थी। रिहर्सल के पहले ही दिन सेट पर पहुंची और गाड़ी से उतर ही रही थी कि मेरा एक्सीडेंट हो गया। असिस्टेंट डायरेक्टर ने मुझे बताया था कि गाड़ी से उतरते वक्त आप दरवाजे के बीच अपना हाथ मत रखना। लेकिन मेरा ध्यान शूट पर था और मेरी उंगली दरवाजे पर ही थी कि इतने में दूर से दौड़ता हुआ एक लड़का आया और उसने किक मारकर गाड़ी का दरवाजा बंद कर दिया। दरवाजा धड़ाम से बंद हुआ और मेरी उंगली फंस गई।आगे उन्होंने कहा, दरवाजा खोला गया तो दर्द से मूर्छित हो गई। सेट पर मौजूद लोग मुझे हॉस्पिटल लेकर जाने लगे, तब मैंने मना किया कि मुझे हॉस्पिटल से बहुत डर लगता है। खैर, दवा हुई। लेकिन पूरी शूटिंग के दौरान पंच वगैरह मारने के सीन में भी मेरी मुट्ठी खुली ही रही। मजे की बात यह है कि वह एक अलग ही स्टाइल बन गई।एक्शन सीन करना कितना मुश्किल थाकभी-कभी एक मिनट के एक्शन सीन को फिल्माने में दो-दो दिन लग जाते थे। एक्शन मूवी को शूट करने में काफी टाइम लगता है। कई सारे ऐसे सीन थे, जिसे कई-कई बार रिटेक करना पड़ता था, क्योंकि बड़े रियलिस्टिक ढंग से शूट किया गया। एक्शन सीन शूट करने में काफी मजा आया। लेकिन एक्शन सीन से ज्यादा रीटेक विद्युत के साथ रोमांटिक सीन में देना पड़ा। सीक्वेंस के मुताबिक हम दोनों का एक-दूसरे के साथ संवाद था। उसे बोलते समय डायरेक्टर आदित्य दत्त ने हमें छेड़ दिया, फिर तो हमारी हंसी छूट गई। अभी याद तो नहीं है कि कितने रीटेक देने पड़े, पर बार-बार शूट करना पड़ा था।क्रिएटिव वीडियो का आइडिया आता कहां से आता है? बचपन से ही ऐसी आइडियाज मेरे दिमाग में आते रहे हैं। दरअसल अब इंस्टाग्राम पर एक्टिव हूं, तब लोग देख सकते हैं कि क्या-क्या आईडिया मेरे दिमाग में है। मैं मानती हूं कि मेरे वर्कआउट के तरीके थोड़े अलग हैं। मैं ट्रेंड शार्प शूटर हूं। मार्शल आर्ट सीखा है। बचपन से ही मां के साथ मलखंब करती आई हूं। वैसे भी आजकल लोगों को एंटरटेन करना बहुत जरूरी है। इसलिए कुछ न कुछ नया करती रहती हूं।लॉकडाउन में क्या कर रही हैं? मेरा शूट रहे या न रहे घर पर नियमित रूप से पियानो बजाती हूं। इस लॉकडाउन में उसे बजाने के लिए और भी समय मिल रहा है। कुछ चीजें अपनी टेरिस पर जाकर शूट करती रहती हूं। आगे अपनी नानी के साथ हर सप्ताह एक नया वीडियो बनाकर पोस्ट करूंगी। उनके साथ जो वीडियो कॉल पर बात करती हूं, उसे भी पोस्ट करूंगी।लॉकडाउन ने बदल दी लाइफस्टाइललॉकडाउन के बाद जब हम बाहर आएंगे तो बहुत अच्छे इंसान बनकर आएंगे। एक छोटे से वायरस जिसको हम देख भी नहीं सकते, उसने हमारी लाइफ स्टाइल चेंज कर दी। हम लोग चीजों को बहुत ग्रांटेड लेते थे। हां, एक बात जरूर हुई है कि इस दौरान हमारा इन्वायरमेंट बिल्कुल चेंज हो गया है। आशा करती हूं कि यह इसी तरह बना रहे।

May 31, 2020 14:03 UTC


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