जून का महीना इन 3 राशियों के लिए है बेहद लकी, क्‍या आप भी हैं इनमें से एक?

2 /4 मिथुनअगर आप भी मिथुन राशि के हैं तो आपको खुश हो जाना चाहिए। आपके लिए इस महीने जिंदगी की नई शुरुआत हो सकती है और यह समय आपके लिए बेहद लाभ देने वाला साबित हो सकता है। जून का यह महीना आपके जीवन में उम्‍मीद की नई किरण लाने वाला साबित होगा और आपको काफी सकारात्‍मकता प्राप्‍त होगी। इसलिए आपकी राशि वाले जो प्‍लानिंग कर रहे हैं, वो इस महीने सफल हो सकती है। वहीं हाल ही में आपकी राशि में शुक्र वक्री हुए हैं तो आपके पूर्व पार्टनर से आपका झगड़ा हो सकता है। इसलिए इस लिहाज से आपको थोड़ा सा सावधान रहने की भी जरूरत है।

June 01, 2020 18:47 UTC


अर्थव्यवस्था / मूडीज ने देश की रेटिंग घटाई, बीएए2 से घटाकर बीएए3 किया

मूडीज ने कहा कि लंबी आर्थिक सुस्ती और खराब हो रही वित्तीय स्थिति से निपटने की नीतियों को लागू करना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण होगावैश्विक रेटिंग एजेंसी ने नवंबर 2017 में देश की क्रेडिट रेटिंग को बीएए3 से एक पायदान ऊपर उठाकर बीएए2 किया थादैनिक भास्कर Jun 01, 2020, 09:40 PM ISTनई दिल्ली. विश्वस्तरीय रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने सोमवार को भारत की संप्रभु रेटिंग घटा दी। रेटिंग एजेंसी ने देश की रेटिंग को बीएए2 से घटाकर बीएए3 कर दिया। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि लंबे समय तक संभावित आर्थिक सुस्ती और खराब होती जा रही वित्तीय स्थिति से निपटने की नीतियों को लागू करना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।एजेंसी ने क्रेडिट रेटिंग के आउटलुक को नकारात्मक बनाए रखारेटिंग एजेंसी ने एक बयान में कहा कि उसने भारत सरकार की फॉरेन करेंसी और लोकल करेंसी लांग टर्म इशुअर रेटिंग को बीएए2 से घटाकर बीएए3 कर दिया है। उसने भारत की लोकल करेंसी सीनियर अनसिक्योर्ड रेटिंग को भी बीएए2 से घटाकर बीएए3 कर दिया है। उसने भारत की शॉर्ट टर्म लोकल करेंसी रेटिंग को पी-2 से घटाकर पी-3 कर दिया। उसने भारत के आउटलुक को नकारात्मक पर बरकरार रखा।निवेश के लिहाज से सबसे खराब रेटिंग है बीएए3मूडीज ने कहा कि नकारात्मक आउटलुक का मतलब यह है कि अर्थव्यवस्था और वित्तीय प्रणाली में गहरे तनाव के कारण गिरावट का जोखिम बना हुआ है। इससे मूडीज के वर्तमान अनुमान के मुकाबले देश की वित्तीय ताकत में एक बड़ी और लंबे समय की गिरावट आ सकती है। बीएए3 निवेश के लिहाज से सबसे खराब रेटिंग है। यह जंक श्रेणी से बस एक स्तर ऊपर है। मूडीज ने 13 साल के बाद नवंबर 2017 में भारत की संप्रभु क्रेडिट रेटिंग को एक पायदान ऊपर उठाकर बीएए3 से बीएए2 कर दिया था।

June 01, 2020 16:07 UTC


पर्सनल फाइनेंस / कम समय के लिए लिक्विड और अल्ट्रा शॉर्ट टर्म जबकि लंबे समय के लिए लांग ड्यूरेशन और गिल्ट फंड्स में करें एसआईपी

बाजार के उतार-चढ़ाव से बचने के लिए डेट फंड में करें निवेशविकसित अर्थव्यवस्था में इस तरह के निवेश पर मिलेगा अच्छा रिटर्नदैनिक भास्कर Jun 01, 2020, 08:50 PM ISTमुंबई. शेयर बाजार में कम रिटर्न के कारण फाइनेंशियल एडवाइजर इस समय म्यूचुअल फंड के डेट प्रोडक्ट्स में एसआईपी करने की सलाह दे रहे हैं। कम अवधि के लिए लिक्विड और अल्ट्रा शॉर्ट टर्म फंड्स में निवेश की सलाह दी जा रही है। लंबी अवधि के लिए निवेशकों को लांग ड्यूरेशन या गिल्ट फंड्स में निवेश करने की सलाह दी जा रही है।एसआईपी से ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव का सामना किया जा सकता हैएसबीआई म्यूचुअल फंड के कार्यकारी निदेशक डीपी सिंह कहते हैं कि म्यूचुअल फंड में एसआईपी से ब्याज दर के उतार-चढ़ाव का सामना किया जा सकता है। लंबी अवधि में संपत्ति का निर्माण भी किया जा सकता है। यह सस्ता भी है। कारण कि निवेशक कम रकम के साथ निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। अगले दो दशकों में भारत की अर्थव्यवस्था ज्यादा मैच्योर होनेवाली है। ऐसी स्थिति में रिटर्न की अपेक्षा भी विकसित अर्थव्यवस्था से ही की जा सकती है। इससे जोखिम समायोजित के आधार पर डेट फंड्स से लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न प्राप्त हो सकता है।एसआईपी लंबे समय तक चलाएंडेट म्यूचुअल फंड्स में एसआईपी या सिस्टेमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान लंबे समय तक चलता है। लेकिन असेट मैनेजर्स और वितरक इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में एसआईपी पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। इस तरह की एसआईपी के मार्फत मासिक 8,000 करोड़ रुपए म्यूचुअल फंड के पास आ रहा है। पिछले वित्त वर्ष में एसआईपी का कुल कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का था।एसआईपी का पांच प्रतिशत हिस्सा डेट फंड मेंडेट फंड और इक्विटी फंड की एसआईपी का अलग-अलग डेटा नहीं होता है। लेकिन एक अंदाज के मुताबिक डेट एसआईपी कुल फंड्स का पांच प्रतिशत से भी कम है। शेयर बाजार में जैसे उतार-चढ़ाव होता है, उसी तरह से डेट मार्केट में भी ब्याज दर में उतार-चढ़ाव होता रहता है। इससे लंबे समय के डेट फंड्स के रिटर्न पर असर होता है।मासिक 1,000 रुपए का एसआईपी है बेहतरवितरकों का कहना है कि मासिक 1,000 रुपए से चालू की गई एसआईपी ज्यादा लाभदायक होती है। निवेशकों को इस समय भविष्य के प्रति सजग रहना चाहिए। कारण कि बिजनेस पर असर दिख रहा है। कई लोगों की नौकरियां जा रही हैं। ऐसी स्थिति में लंबी अवधि के लिए इक्विटी में निवेश चालू रखना थोड़ा जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में निवेशकों को लिक्विड या अल्ट्रा शॉर्ट टर्म में निवेश करना चाहिए।आंकड़े बताते हैं कि गिल्ट फंड्स में पांच वर्ष की एसआईपी का रिटर्न 9.34 प्रतिशत रहा है। इसके बाद लिक्विड फंड्स में औसत रिटर्न 6.49 प्रतिशत रहा है। ज्यादातर फाइनेंशियल प्लानर्स अगले तीन वर्ष के लिए लिक्विड, अल्ट्रा शॉर्ट टर्म फंड में निवेश की सलाह दे रहे हैं।

June 01, 2020 15:56 UTC


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