झारखंड / मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उद्योग और कॉरपोरेट घरानों से की अपील, कहा- प्रवासी श्रमिकों को घर पहुंचाने में मदद करें

ट्रेन और बस के माध्यम से अभी तक कुल 3 लाख 58 हजार 263 लोगों को झारखंड लाया जा चुका हैदैनिक भास्कर Jun 01, 2020, 12:48 PM ISTरांची. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को ट्विटर के जरिए उद्योग और कॉरपोरेट घरानों से अपील की है कि वे झारखंड के प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने में मदद करें। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर लिखा कि हमने अपने प्रवासी कामगारों को लद्दाख और अंडमान जैसे दुर्गम दुर्गम स्थानों से वापस लाने के लिए ईमानदार प्रयास किए हैं। अभी भी कई दुर्गम स्थानों में सैंकड़ों प्रवासी फंसे हैं। सभी उद्योगों और कॉरपोरेट घरानों से मेरी विनम्र अपील है कि वे अपने श्रमिकों को निकालने में हमारा सहयोग करें।इसके अलावा एक अन्य ट्वीट के जरिए मुख्यमंत्री ने झारखंड के लोगों से अपील की है कि कोरोनावायरस से बचाव के लिए कोई भी घरों से बिना मास्क बाहर नहीं निकलें। सोशल डिस्टन्सिंग के नियमों का पूरा पालन करें। साथ ही घर के बुजुर्गों का खास ख्याल रखें। अपने हाथों को पानी एवं साबुन से 20 सेकंड तक धोएं। लॉकडाउन में ढील है पर इन एहतियातों में छूट नहीं है। इन नियमों का कड़ाई से पालन करें।बता दें कि झारखंड सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से ट्रेन और बसों के जरिए दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को झारखंड ला रही है। ट्रेन और बस के माध्यम से अभी तक कुल 3 लाख 58 हजार 263 लोगों को झारखंड लाया जा चुका है। इनमें 193 ट्रेन से 2 लाख 57 हजार 411 प्रवासी मजदूर और बसों से 1.08 लाख मजदूरों को लाया गया है। बता दें कि झारखंड सरकार के प्रयास से शुक्रवार के लेह से 60 और शनिवार को अंडमान द्वीप समूह से 180 प्रवासी मजदूरों को फ्लाइट के जरिए वापस लाया गया है।झारखंड के कोरोना संबंधित मामलों के मुख्य नोडल पदाधिकारी अमरेंद्र प्रताप सिंह और आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अमिताभ कौशल के मुताबिक, वंदे भारत मिशन के तहत अब तक 66 लोगों को विदेश से वापस लाया जा चुका है। सरकार की ओर से बांग्लादेश में काम करने वाली भेल कंपनी के 170 कर्मचारियों को वापस लाने के लिये एनओसी दे दी गई है। नेपाल में भी कुछ लोग फंसे हुए हैं। इसके अलावा देश के विभिन्न राज्य में जो लोग रह गए हैं। उन्हें फिर से सरकार ने रजिस्ट्रेशन के लिए कहा है। इसके बाद उन्हें लाने के उपाए किए जाएंगे।

June 01, 2020 07:18 UTC


ये जूते कोरोना से बचा सकते हैं, पता है कैसे?

जूते पहने हुए कितना वक्त हो गया? सही बात है… जब घर से ही नहीं निकलना तो जूते क्या पहनने! लेकिन अब धीरे-धीरे कई देशों में लॉकडाउन खोला जा रहा है। पब्लिक सड़कों पर दिखने लगी है। जब रोमानिया में तकरीबन दो महीनों के लॉकडाउन के बाद ढील दी गई तो कई लोग सोशल डिस्टेंसिंग को गंभीरता से नहीं ले रहे थे। ऐसे में एक शू मेकर ने ऐसे जूते बना डाले जिन्हें पहनने के बाद लोग दूर-दूर ही रहते हैं।39 साल से बना रहे हैं जूते‘रॉयटर्स’ की एक खबर के मुताबिक, क्लूज के ट्रांसिल्वेनिया शहर के ग्रिगोर लुप ने इन जूतों को डिजाइन किया है, जो बीते 39 साल से लेदर से जूते बनाने का काम कर रहे हैं। ग्रिगोर बताते हैं कि एक दिन जब वो बाजार गए, तो उन्होंने देखा लोग सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो नहीं कर रहे थे। तभी उन्होंने इन लंबी चोंच वाले जूतों को बनाने का फैसला किया।एक जोड़ी बनते हैं इतने मेंइन जूतों को पहनने वाले जब आमने सामने खड़े होते हैं, तो उनके बीच करीब डेढ़ मीटर का फासला रहता है। उन्होंने बताया कि एक जोड़ी जूते बनाने में दो दिन और 115 डॉलर (भारतीय करेंसी में करीब साढ़े आठ हजार रुपये) लगते हैं। 55 वर्षीय लुप ने 16 साल की उम्र में जूते बनाने का काम शुरू किया था।कोरोना के 20 हजार मामलेग्रिगोर लुप ने साल 2001 में अपनी नई दुकान खोली थी, जिसमें वो इन जूतों को बेच रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें 75 नंबर (यूरोपीय साइज) के ऐसे जूते बनाने के पांच आर्डर मिले हैं। बता दें, रोमानिया में अब तक करीब 20 हजार कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं जबकि करीब 1250 लोगों की मौत हो चुकी है।

June 01, 2020 07:08 UTC


अमिताभ बच्चन इन दिनों कर रहे रामायण पाठ, बताया कौन सी चौपाई है सबसे ज़्यादा पसंद

अमिताभ बच्चन इन दिनों कर रहे रामायण पाठ, बताया कौन सी चौपाई है सबसे ज़्यादा पसंदनई दिल्ली, जेएनएन। अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया के माध्यम से अपने फैंस और फॉलोअर्स के साथ लगातार संवाद करते रहते हैं। अपने ट्वीट्स के ज़रिए बिग बी अपनी ज़िंदगी के कुछ ऐसे पलों को भी शेयर करते हैं, जो आम तौर पर किसी को पता नहीं होते। अमिताभ ने अब ट्वीट के ज़रिए बताया है कि वो इन दिनों पूजा में तुलसीदास की रामचरित मानस का अध्ययन कर रहे हैं।अमिताभ बच्चन ने मानस की एक चौपाई का स्क्रीन शॉट शेयर करके बताया कि उन्हें यह भाग सबसे अच्छा लगा। बिग बी ने लिखा- आज पूजा के समय रामायण पाठ में ये पढ़ा, अच्छा लगा। इस चौपाई में नाम की श्रेष्ठता के बारे में बताया गया है। भगवान श्री राम भी अपने नाम का अनुगमन करते हैं। जब उनका नाम लिया जाता है तो वो वहां आ जाते हैं। इसमें बताया गया कि राम और नामी दोनों ईश्वर की उपाधि होते हैं। दोनों अनादि हैं और सुंदर हैं। बुद्धि से इनका स्वरूप समझा जा सकता है।T 3548 - आज पूजा के समय , रामायण पाठ में ये पढ़ा , अच्छा लगा .. 🙏 pic.twitter.com/4Y0v3oB9z1 — Amitabh Bachchan (@SrBachchan) June 1, 2020इससे पहले अमिताभ ने बॉलीवुड के मशहूर संगीत निर्देशक वाजिद ख़ान के निधन पर शोक व्यक्त किया। बिग बी ने ट्वीट में लिखा- वाजिद ख़ान के निधन से सदमे में हूं। एक मेधावी मुसकुराता हुआ हुनर चला गया। दुआ, प्रार्थनाएं और सांत्वना।T 3548 - Shocked at the passing of Wajid Khan .. a bright smiling talent passes away .. duas , prayers and in condolence 🙏🙏🙏 — Amitabh Bachchan (@SrBachchan) June 1, 2020लॉकडाउन के दौरान अमिताभ बच्चन लगातार ट्विटर के ज़रिए इसको लेकर बात करते रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने दार्शनिक भाव से ट्वीट करके कहा था- इस लॉकडाउन के काल में जितना मैंने सीखा, समझा और जाना, उतना मैं अपने 78 वर्षों के जीवन काल में ना सीख सका। ना समझ सका और ना ही जान सका। इस सच्चाई को व्यक्त करना, इसी सीख, समझ और जानने का परिणाम है।T 3547 - इस Lockdown के काल में जितना मैंने सीखा, समझा, और जाना , उतना मैं अपने 78 वर्षों के जीवन काल में न सीख सका, न समझ सका और न ही जान सका ! इस सच्चाई को व्यक्त करना , इसी सीख, समझ और जानने का परिणाम है ! 🙏 pic.twitter.com/ofacrb7PiK — Amitabh Bachchan (@SrBachchan) May 30, 2020अमिताभ बच्चन अब गुलाबो सिताबो में नज़र आएंगे, जो 12 जून को अमेज़न प्राइम पर रिलीज़ हो रही है। शूजित सरकार निर्देशित फ़िल्म में आयुष्मान खुराना के साथ उनकी मकान मालिक और किराएदार वाली जुगलबंदी दिखायी देगी। दोनों कलाकारों की यह पहली फ़िल्म है। बिग बी ने फ़िल्म में एक उम्रदराज़ मुस्लिम किरदार निभाया है। फ़िल्म के ट्रेलर को काफ़ी पसंद किया गया है।Posted By: Manoj Vashisthडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

June 01, 2020 06:56 UTC


कोरोना पर प्रधानमंत्री / मोदी ने कहा- हमारा दुश्मन दिखाई नहीं देता; अदृश्य के साथ लड़ाई में कोरोना वॉरियर्स अडिग हैं, हमारी जीत तय

मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना का दो साल से भी कम समय में एक करोड़ लोगों को फायदा मिला।मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना का दो साल से भी कम समय में एक करोड़ लोगों को फायदा मिला।मोदी ने सोमवार को कर्नाटक की राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस के सिल्वर जुबली कार्यक्रम का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उद्धाटन कियाप्रधानमंत्री ने कहा- कोरोना की लड़ाई में लगे फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ अभद्र बर्ताव और हिंसा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगीदैनिक भास्कर Jun 01, 2020, 06:20 PM ISTनई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कर्नाटक की राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस के सिल्वर जुबली कार्यक्रम का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्धाटन किया। उन्होंने कहा कि वायरस दिखाई नहीं देता, लेकिन हमारे पुलिसकर्मी, मेडिकल टीम यानी हमारे कोरोना वॉरियर्स दिखाई देते हैं। वे अडिग हैं।यह लड़ाई दिखाई न देने वाले दुश्मन और मजबूती से जूझ रहे योद्धाओं के बीच है। इसमें हमारे मेडिकल वर्कर्स की जीत होना तय है। मैं साफ कहना चाहता हूं कि कोरोना की लड़ाई में लगे फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ अभद्र बर्ताव और हिंसा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मोदी ने यह भी कहा, ‘‘भारत में दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थकेयर स्कीम आयुष्मान भारत चल रही है। दो साल से भी कम वक्त में इससे एक करोड़ लोगों को फायदा मिला है। इस योजना से सबसे ज्यादा फायदा महिलाओं और ग्रामीण लोगों को पहुंचा। 22 एम्स जल्द बनाने के लिए हम तेजी से मेहनत कर रहे हैं। बीते 5 सालों में हम एमबीबीएस की 30 हजार और पीजी की 15 हजार सीटें बढ़ाने में कामयाब रहे।’’प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के वार्षिक सत्र को ऑनलाइन संबोधित करेंगे। वे इसके उद्घाटन सत्र में भाषण देंगे।‘मन की बात’ में हौसला बढ़ाया, विरासत की चर्चा कीरविवार को मन की बात कार्यक्रम में मोदी ने कहा था, ‘‘हमारी सबसे बड़ी ताकत देशवासियों की सेवा है। हमारे यहां सेवा परमो धर्म कहा गया है। दूसरों की सेवा में लगे व्यक्ति में कोई डिप्रेशन नहीं दिखता। उसके जीवन में जीवंतता प्रतिपल नजर आती है। डॉक्टर, मीडिया, नर्सिंग स्टाफ, पुलिस जो सेवा कर रहे हैं, उनकी मैंने कई बार चर्चा की है। इनकी संख्या अनगिनत हैं।’’‘‘कोरोना काल में देखा जा रहा है कि हरिद्वार से हॉलीवुड तक लोग योग अपना रहे हैं। कई लोग आयुर्वेद की तरफ लौट रहे हैं। योग कम्युनिटी, इम्युनिटी और यूनिटी के लिए बेहतर साबित हो सकता है। जब दुनिया के नेताओं से बात होती है तो उनकी दिलचस्पी योग और आयुर्वेद में होती है। देश के लोग आयात को कम होते देखना चाहते हैं। आत्मनिर्भर अभियान भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।’’

June 01, 2020 06:45 UTC


Tags
Finance      African Press Release      Lifestyle       Hiring       Health-care       Online test prep Corona       Crypto      Vpn     
  

Loading...