बच्‍चे का हुआ जन्‍म, पिता छोड़ गए, मां ने बनाया महान

5 /6 घटोत्‍कच्‍छकथा म‍िलती है क‍ि महाभारत काल में जब वनवास काल में जब पांडवों का घर (लाक्षागृह) जला दिया गया तो विदुर के परामर्श पर वे वहां से भागकर एक दूसरे वन में गए। जहां पीली आंखों वाला हिडिंबसुर राक्षस राजा जो महादैत्य वन नामक वन के राक्षसों का राजा था, अपनी बहन हिंडिबा के साथ रहता था। एक दिन हिडिंब ने अपनी बहन हिंडिबा को वन में भोजन की तलाश करने के लिये भेजा। वहां हिंडिबा ने पांचों पांडवों सहित उनकी माता कुंती को देखा। भीम को देखते ही हिडिंबा उस पर मोहित हो गई इस कारण इसने उन सबको नहीं मारा यह बात हिडिंब को बहुत बुरी लगी। तब क्रोधित होकर हिडिंब ने पाण्डवों पर हमला किया, इस युद्ध में भीम ने उसे मार डाला जिसके बाद वहां जंगल में कुंती की सहमति से हिडिंबा एवं भीम का विवाह हुआ। हिडिंबा के हृदय में भीम के प्रति प्रबल प्रेम की भावना देख कर युधिष्ठिर बोले, “हिडिंबा! मैं तुम्हें अपने भाई को सौंपता हूं। लेकिन वह केवल दिन में तुम्हारे साथ रहा करेगा और रात्रि को हम लोगों के साथ रहेगा। हिडिंबा इसके लिये तैयार हो गई और भीमसेन के साथ आनंदपूर्वक जीवन व्यतीत करने लगी। समय पूर्ण होने के बाद भीम अपने भाइयों के साथ दूसरे वन चले गए। एक वर्ष व्यतीत होने पर हिडिंबा का पुत्र उत्पन्न हुआ। उत्पन्न होते समय उसके सिर पर केश (उत्कच) न होने के कारण उसका नाम घटोत्कच रखा गया। वह अत्यंत शक्तिशाली और मायावी था। वह जन्‍म लेते ही बड़ा हो गया था। हिडिंबा ने पालन-पोषण अकेले ही क‍िया था।

June 01, 2020 13:45 UTC


Cyclone Nisarga Update: महाराष्ट्र और गुजरात में आने वाला है चक्रवात निसर्ग, मचा सकती है तबाही; गृहमंत्री ने बुलाई हाई लेवल मिटिंग

Cyclone Nisarga Update: महाराष्ट्र और गुजरात में आने वाला है चक्रवात निसर्ग, मचा सकती है तबाही; गृहमंत्री ने बुलाई हाई लेवल मिटिंगनई दिल्ली, एजेंसियां। अरब सागर के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र से अगले दो दिनों में चक्रवात शुरू होगा। इसे निसर्ग नाम दिया गया है। अगले दो दिनों में यह चक्रवात पश्चिमी तटों से गुजरते हुए करीब सौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरात और महाराष्ट्र के तटों से टकराएगा। इसके चलते इन क्षेत्रों में भारी बारिश होगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विभाग विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक में तैयारियों का जायजा लिया।गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि हालात से निपटने के लिए महाराष्ट्र, गुजरात, दमन एवं दीव और दादर व नगर हवेली में एनडीआरएफ की 23 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें से 11 टीमें गुजरात में, 10 टीमें महाराष्ट्र में और दो टीमें दमन एवं दीव और दादर व नगर हवेली में तैनात की गई हैं। एनडीआरएफ की एक टीम में 45 सदस्य होते हैं।अमित शाह के दफ्तर से ट्वीट कर बताया गया कि गृह मंत्री ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), एनडीआरएफ, आइएमडी और कोस्ट गार्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और चक्रवात से पैदा होने वाले हालात से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के मुताबिक गुजरात में सूरत के तट से करीब 920 किलोमीटर दूर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम दिशा में अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र विक्षोभ में बदल गया है। इसके चक्रवात का रूप लेकर तीन जून की शाम तक उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिणी गुजरात के तटों से टकराने की संभावना है।— गृहमंत्री कार्यालय, HMO India (@HMOIndia) June 1, 2020गुजरात के समुद्री तट से टकरा सकता है चक्रवातआइएमडी के मुताबिक महाराष्ट्र और गुजरात के बीच हरिहरेश्वर और दमन से तटों से तीन जून की शाम को गुजरेगा। अहमदाबाद में आइएमडी केंद्र के निदेशक जयंत सरकार ने कहा कि निसर्ग तूफान करीब 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तटों से टकराएगा। इसकी वजह से तीन और जून को दक्षिणी गुजरात के साथ ही सौराष्ट्र के भावनगर और अमरेली जिलों में भारी बारिश होगी।मुंबई समेत महाराष्ट्र के तटवर्ती जिले होंगे प्रभावितनिसर्ग तूफान से मुंबई समेत महाराष्ट्र के तटवर्ती सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिले बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं। भारी बारिश की वजह से इन जिलों के निचले इलाकों में पानी भरने की संभावना है। तेज हवा के चलते पेड़, टेलीफोन लाइन, बिजली के पोल को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। एनडीआरएफ ने मुंबई में तीन, पालघर में दो और ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिले में एक-एक टीम तैनात की है।गुजरात के सीएम ने की समीक्षा बैठकअरब सागर में पैदा हुए चक्रवात को देखते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने गांधीनगर में उच्च स्तरीय बैठक तैयारियों की समीक्षा की। बैठक के बाद रूपानी ने कहा कि हालात से निपटने के लिए उत्तरी गुजरात के पांच जिलों और भावनगर व अमरेली जिले में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 1टीमें तैनात कर दी गई हैं।लोगों से घरों में रहने की अपीलमुख्यमंत्री रूपानी ने तटवर्ती इलाकों के लोगों से तीन और चार जून को घरों में ही रहने का अनुरोध किया है। मछुआरों को भी वापस बुला लिया गया है। नमक बनाने वाले क्षेत्रों से भी मजदूरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। डूब वाले क्षेत्रों से भी लोगों को निकाला गया है। हालात पर नजर रखने के लिए गांधीनगर में एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है।Posted By: Sanjeev Tiwariडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

June 01, 2020 12:52 UTC


Tags
Finance      African Press Release      Lifestyle       Hiring       Health-care       Online test prep Corona       Crypto      Vpn     
  

Loading...